सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल परिसर के शोधकेंद्र द्वारा पांचदिवसीय शोध प्रस्ताव लेखन शोधोपकरण निर्माण कार्यशाला का समापन प्रो. गणपति शुक्ल, पुरी के मुख्यातिथ्य, प्रो. डी. एन. सनसनवाल, दिल्ली की उपस्थिति तथा प्रो. अर्चना दुबे के आतिथ्य प्रो हंसकर झा की अध्यक्षता में सरस्वती पूजन से सम्पन्न हुआ l मुख्यातिथि प्रो. गणपति शुक्ल ने शोधकार्य में दार्शनिक महत्त्व को लेकर विचार अभिव्यक्त किया l
आपने कहा कि शोधकार्य में सत्य का अन्वेषण कर उसके निष्कर्ष को समाजोपयोगी रूप में प्रकाशित करना चाहिए जो राष्ट्र के लिए आवश्यक हैl प्रो. अर्चना दुबे ने बताया कि हमारे शोधकर्ताओं को भारतीय भाषाओं में अन्तः अनुशासनात्मक शोधकार्य करना चाहिए l प्रो. सनसनवाल ने बताया कि शोधकर्ताओं को प्रामाणिक तथ्यों को शोधप्रबन्ध में जोड़ना चाहिए , जिससे कि शोधकार्य की गुणवत्ता में सुधार हो इसी विधि को निरन्तर चलने वाली शोध प्रक्रिया कह सकते है l


अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. हंसधर झा परिसर निदेशक ने कहा कि शोधार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शोधकेन्द्र निरन्तर प्रयासरत है l कार्यशाला के इन पांच दिनों में शोधकर्ताओं ने जो कुछ सीखा वह उन्हें अनुकरणीय शोध कार्य के लिए प्रेरित कर अपने शोध को मूर्तरूप देने में समर्थ करेगा l कार्यशाला का प्रतिवेदन प्रो. गोविंद पांडेय संयोजक ने प्रस्तुत किया l स्वागत भाषण प्रो. कृपाशंकर शर्मा शोधकेन्द्र समन्वयक ने किया l संचालन काव्यांशी मिश्रा शोध छात्रा ने किया। प्रतिभागियों ने गजेंद्र पुरोहित,संजय मीना,पारुल मेश्राम, पियूष पाण्डेय,रत्नेश दुबे ने अनुभव कथन प्रस्तुत किया l अन्त में धन्यवाद ज्ञापन प्रतिज्ञा पारीक शोध छात्रा ने किया तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ l

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