आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ₹1 लाख करोड़ के मार्केट कैप को पार करने वाला देश का तीसरा सरकारी बैंक बन गया है। आज बैंक का शेयर 91.81 रुपए के हाई पर पहुंचा गया, जिसके बाद इसका मार्केट कैप 1.01 लाख करोड़ से ज्यादा हो गया। हालांकि, अभी बैंक का शेयर 0.11% की तेजी के साथ 90 रुपए के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जिसके कारण मार्केट कैपिटलाइजेशन ₹1 लाख करोड़ के नीचे आ गया है।

इस साल अब तक बैंक के शेयर में 60% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली है। कई सरकारी कंपनियों में लगातार तेजी के कारण PNB के शेयर में उछाल आया है। वहीं, सेंसेक्स और निफ्टी भी लगातार ऑल टाइम हाई बना रहे हैं, जिसका पॉजिटिव सेंटिमेंट बैंक के शेयर में भी देखने को मिल रहा है।

मार्केट कैप के आधार पर देश के टॉप-10 बैंक

बैंक    मार्केट कैप

HDFC बैंक      12.52

ICICI बैंक      7.21

SBI         5.56

कोटक महिंद्रा बैंक       3.70

एक्सिस बैंक    3.44

इंडसइंड बैंक    1.21

बैंक ऑफ बड़ौदा 1.14

पंजाब नेशनल बैंक      1.01

यूनियन बैंक    0.91

IDBI बैंक 0.71

* मार्केट कैप के सभी आंकड़े लाख करोड़ में हैं

सरकारी बैंकों की बैलेंस शीट ज्यादा मजबूत

एक्सपर्ट का कहना है कि प्राइवेट बैंकों की तुलना में सरकारी बैंक अंडर वैल्यू हैं। बैंकों ने अपनी बैलेंस शीट को मजबूत किया है और एसेट्स क्वालिटी में सुधार किया है।

Q2F24 में PNB को ₹1,756.13 करोड़ का मुनाफा हुआ

PNB को Q2FY24 यानी जुलाई-सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 327% बढ़कर ₹1,756.13 करोड़ का मुनाफा हुआ है। एक साल पहले Q2FY23 में बैंक को ₹411.27 का मुनाफा हुआ था। सितंबर तिमाही में बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम सालाना आधार पर 20% बढ़कर ₹9,923 करोड़ रही, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹8,270.7 करोड़ थी।

इस दौरान बैंक का नेट नॉन परफॉर्मिंग एसेट सालाना आधार पर 2.33% कम होकर 1.47% यानी ₹13,114.12 करोड़ हो गया। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर के Q2 में 3.8% था। बैंक का ग्रॉस NPA 6.96% यानी ₹65,563.12 करोड़ रहा है। यह पिछले वित्त वर्ष के दूसरे क्वार्टर के मुकाबले 3.52% कम हुआ है। Q2FY23 में यह 10.48% था। वहीं इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 7.73% था।

मार्केट कैप के आधार पर देश की टॉप-10 कंपनियां

कंपनियां मार्केट कैप

रिलायंस इंडस्ट्रीज 16.78

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज  14.02

HDFC बैंक      12.52

ICICI बैंक      7.21

हिंदुस्तान यूनिलीवर     5.90

इंफोसिस 6.47

ITC         5.69

भारती एयरटेल  5.84

SBI         5.56

बजाज फाइनेंस  4.61

* मार्केट कैप के सभी आंकड़े लाख करोड़ में हैं

मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है?

मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर, जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, की वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की टोटस नंबर को स्टॉक की प्राइस से गुणा करके किया जाता है।

मार्केट कैप का इस्तेमाल कंपनियों के शेयरों को कैटेगराइज करने के लिए किया जाता है ताकि निवेशकों को उनके रिस्क प्रोफाइल के अनुसार उन्हें चुनने में मदद मिले। जैसे लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप कंपनियां।

मार्केट कैप = (आउटस्टैंडिंग शेयरों की संख्या) x (शेयरों की कीमत)

मार्केट कैप कैसे काम आता है?

किसी कंपनी के शेयर में मुनाफा मिलेगा या नहीं इसका अनुमान कई फैक्टर्स को देख कर लगाया जाता है। इनमें से एक फैक्टर मार्केट कैप भी होता है। निवेशक मार्केट कैप को देखकर पता लगा सकते हैं कि कंपनी कितनी बड़ी है।

कंपनी का मार्केट कैप जितना ज्यादा होता है उसे उतनी ही अच्छी कंपनी माना जाता है। डिमांड और सप्लाई के अनुसार स्टॉक की कीमतें बढ़ती और घटती है। इसलिए मार्केट कैप उस कंपनी की पब्लिक पर्सीवड वैल्यू होती है।

मार्केट कैप कैसे घटता-बढ़ता है?

मार्केट कैप के फॉर्मूले से साफ है कि कंपनी की जारी शेयरों की कुल संख्या को स्टॉक की कीमत से गुणा करके इसे निकाला जाता है। यानी अगर शेयर का भाव बढ़ेगा तो मार्केट कैप भी बढ़ेगा और शेयर का भाव घटेगा तो मार्केट कैप भी घटेगा।