आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : गूगल ने बुधवार, 4 अक्टूबर को अपने सालाना इवेंट में पिक्सल 8 और पिक्सल 8 प्रो फोन लॉन्च किए। इनकी शुरुआती कीमत 75,999 और 1,06,999 रुपए है। लॉन्चिंग के साथ ही दोनों फोन ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट पर अवेलेबल हो गए हैं।
गूगल ने इन फोन्स की लॉन्चिंग से पहले आईफोन 15 सीरीज का मजाक उड़ाया था, जिन्हें एपल ने पिछले महीने 12 सितंबर को लॉन्च किया था। अगर आप भी पिक्सल की लॉन्चिंग के बाद कंफ्यूज हो गए हैं कि कौन सा फोन खरीदना सही रहेगा? तो हम यहां आपको कंपेरिजन रहे हैं।
पहली बार फोन में दिया टेंपरेचर सेंसर
गूगल ने इस बार अपने प्रो मॉडल में टेंपरेचर सेंसर दिया है। ये कैमरा बार पर फ्लैश के ठीक नीचे फिट है। टेंपरेचर रीडिंग लेने के लिए, आपको टेंपरेचर ऐप लॉन्च करना होगा और उस ऑब्जेक्ट का टाइप चुनना होगा जिसे आप मापने का प्रयास कर रहे हैं। आप फूड और ऑर्गेनिक, कास्ट आयर’, प्लास्टिक और रबर, फैब्रिक और अन्य चीजें चुन सकते हैं।
फिलहाल, गूगल बॉडी टेंपरेचर रीडिंग लेने के लिए FDA की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। वैसे आप अभी भी इन्फ्रारेड सेंसर को अपने माथे पर पॉइंट कर रीडिंग ले सकते हैं, लेकिन अप्रूवल के बाद ये ऑफिशियल हो जाएगा। गूगल एडवर्टाइज कर बता सकेगा की उसका बॉडी टेंपरेचर की रीडिंग 100% सटीक है और इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
क्या पिक्सल लेना सही रहेगा?
पिक्सल 8 और सैंमसंग के फीचर्स करीब-करीब एक जैसे हैं, लेकिन आईफोन-15 से काफी कुछ अलग है। पिक्सल 8 में 120Hz डिस्प्ले मिलता है जो आईफोन-15 से दोगुना है। वहीं पिक्सल में 50MP का तो आईफोन में 48MP का कैमरा मिलता है।
दोनों की कीमतों में भी अंतर है। आईफोन के मुकाबले पिक्सल 4000 रुपए सस्ता है। तो ऐसे में पिक्सल यहां आईफोन-15 से आगे नजर आ रहा है, लेकिन उसे मात दे पाना काफी कठिन है। दोनों में सबसे बड़ा डिफरेंस ओपरेटिंग सिस्टम और डिजाइन है।
एपल ios पर काम करता है। गूगल के फोन में एंड्रॉयड OS है। अगर आप एक एंड्रॉइड हैंडसेट चाहते हैं तो पिक्सल कैमरे और परफॉर्मेस के लिहाज से बेहतर डील साबित हो सकती है। वहीं अगर आप लंबे समय से ios का ही इस्तेमाल करते आए है तो आईफोन-15 सही होगा।
एक बात और यहां ध्यान रखने वाली ये है कि गूगल के फोन्स की रिपेयरिंग के लिए देश में सर्विस सेंटर काफी कम है। जबकि एपल अपनी शानदार कस्टमर सर्विस के लिए जाना जाता है। गूगल के फोन की एसेसरीज भी कई बार मिलना मुश्किल हो जाता है जबकि एपल की एसेसरीज बहुत ही आसानी से उपलब्ध है।