आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सरकार ने एम्प्लॉई प्रॉविडेंट फंड (EPF या PF) से पैसा निकालने के लिए ऑनलाइन सुविधा दी है। इससे PF से पैसा निकालना आसान हो गया है। इस कारण देखा जाता है कि पैसों की जरूरत पड़ने पर लोग अपने PF फंड से पैसा निकाल लेते हैं। अगर आप भी PF फंड से पैसा निकालने का प्लान बना रहे हैं तो इसके लिए आपका यह जानना बहुत जरूरी है कि यहां से पैसा निकलने पर आपके रिटायरमेंट फंड को कितना नुकसान होगा।

आप के फंड पर कितना असर पड़ेगा

अनुमानित कैलकुलेशन के मुताबिक, अगर आपके रिटायरमेंट में 30 साल का समय बाकी है और अभी आप PF अकाउंट से 10 हजार रुपए निकालते हैं तो ​इससे आपके रिटायरमेंट फंड पर 1 लाख 14 हजार रुपए का असर पड़ेगा। यानी आपको रिटायरमेंट के समय इतने रुपए कम मिलेंगे। यहां जानें कितना पैसा निकालने पर आपने रिटायरमेंट फंड पर कितना असर पड़ेगा।

जब तक बहुत जरूरी न हो PF फंड से न निकालें पैसा

मनी मैनेजमेंट एक्सपर्ट का मानना है कि जब तक बहुत जरूरी न होने पर PF से पैसे निकालने से बचना चाहिए। इस पर 8.15% की दर से ब्याज मिल रहा है। जितनी बड़ी रकम PF से निकाली जाएगी, रिटायरमेंट फंड पर उतना ही बड़ा असर पड़ेगा।

नौकरी जाने पर एक माह के बाद निकाल सकेंगे PF का 75% पैसा

PF विड्रॉल के नियम के तहत अगर किसी मेंबर की नौकरी चली जाती है तो वह 1 माह के बाद PF अकाउंट से 75% पैसा निकाल सकता है। इससे वह बेरोजगारी के दौरान अपनी जरूरतें पूरी कर सकता है। PF में जमा बाकी 25% हिस्से को जॉब छूटने के दो महीने बाद निकाला जा सकता है।

PF निकासी इनकम टैक्स के नियम

कर्मचारी को यदि किसी कंपनी में सेवाएं देते 5 साल पूरे हो जाते हैं और वो PF निकालता है तो उस पर इनकम टैक्स की कोई लायबिलिटी नहीं होती। 5 साल की अवधि एक या इससे ज्यादा कंपनियों को मिलाकर भी हो सकती है। एक ही कंपनी में 5 साल पूरे करना जरूरी नहीं। कुल अवधि कम से कम 5 साल होना जरूरी होता है।

अगर कर्मचारी नौकरी में 5 साल पूरे होने से पहले PF खाते से 50 हजार रुपए से ज्यादा राशि निकालता है तो उसे 10% TDS चुकाना होगा। वहीं अगर आपके पास पैन कार्ड नहीं है तो आपको 30% TDS देना होगा। हालांकि, अगर कर्मचारी फॉर्म 15G/15H सबमिट कराता है तो कोई TDS नहीं काटा जाता है।

फॉर्म 15G या फॉर्म 15H : फॉर्म 15G या फॉर्म 15H खुद से की गई घोषणा वाला फॉर्म हैं। इसमें आप यह बताते हैं कि आपकी आय टैक्स की सीमा से बाहर है। जो इस फॉर्म को भरता है उसे टैक्स की सीमा से बाहर रखा जाएगा। इसे नहीं भरने पर मान लिया जाता है कि आप टैक्स के दायरे में हैं और फिर ब्याज से होने वाली आय पर जरूरी TDS काट लिया जाएगा। फॉर्म 15G या फॉर्म 15H एक साल के लिए होता है। हालांकि फॉर्म नहीं भरने पर जो TDS काटा जाएगा उसे वापस भी पाया जा सकता है।

होम लोन चुकाने के लिए पैसा कैसे निकाले?

EPFO ई-सेवा पोर्टल में लॉगिन करें।

यूनिवर्सल अकाउंट नंबर और पासवर्ड डालें।

ऑनलाइन सर्विसेज पर क्लिक करें।

फॉर्म 31 के जरिए क्लेम करें।

अपनी बैंक डिटेल सत्यापित करें।

पैसे निकलने का कारण सिलेक्ट करें।

मांगी गई जानकारियां भरकर संबंधित दस्तावेज अपलोड करें।

इसके बाद आपको क्लेम प्रोसेस में डाल दिया जाएगा।

कितना कटता है PF?

नियमों के मुताबिक, सैलरी पाने वाले लोगों को अपने वेतन और महंगाई भत्ते की 12% रकम PF खाते में योगदान करना अनिवार्य होता है। वहीं कंपनी की ओर से जमा की जाने वाली राशि में से 3.67% EPF में जमा होता है। बाकी 8.33% हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जमा हो जाता है।