सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट-इंडिया (FIU-IND) ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड पर 5.49 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग नियमों का उल्लंघन करने पर की गई है। FIU-IND ने रिजर्व बैंक सहित दूसरी एजेंसियों के एक्शन की समीक्षा के बाद ये फैसला लिया है।

वित्त मंत्रालय की जांच एजेंसी FIU-IND ने शुक्रवार को बयान जारी कर बताया कि उसने लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों से जानकारी मिलने के बाद पेटीएम पेमेंट बैंक की जांच शुरू कर दी है। इनकी कुछ संस्थाएं और बिजनेस नेटवर्क ऑनलाइन गैम्बलिंग सहित अवैध गतिविधियों में लगे हुए थे।

इन अवैध गतिविधियों से जनरेटेड फंड्स को कुछ संस्थाओं ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक के जरिए भेजा था, जिसने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) का उल्लंघन किया। उधर, पेटीएम पेमेंट्स बैंक के प्रवक्ता ने कहा कि जुर्माना जिस बिजनेस सेगमेंट पर लगा है, उसे दो साल पहले बंद कर दिया गया था।

FIU-IND क्या है

FIU-IND को भारत सरकार ने 18 नवंबर 2004 को स्थापित किया था। यह एक इंडिपेंडेंट बॉडी है, जो सीधे इकोनॉमिक इंटेलिजेंस काउंसिल (EIC) को रिपोर्ट करती है। इस काउंसिल की हेड वित्त मंत्री हैं। यह सस्पेक्टेड फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन पर नजर रखने के लिए केंद्रीय एजेंसी के रूप में काम करती है।

FIU-IND मनी लॉन्ड्रिंग और उससे संबंधित अपराधों के खिलाफ कार्रवाई और इन्वेस्टिगेशन में ग्लोबल लेवल पर नेशनल और इंटरनेशनल एजेंसियों के बीच समन्वय बनाने का भी काम करती है।

पेटीएम और पेटीएम पेमेंट बैंक के बीच खत्म होंगे एग्रीमेंट

इस बीच पेटीएम की पैरेंट कंपनी ‘वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड’ और पेटीएम पेमेंट बैंक लिमिटेड (PPBL) ने आपसी सहमति से कई एग्रीमेंट खत्म करने पर सहमति जताई है। PPBL के खिलाफ नियामक कार्रवाई के बीच आपसी निर्भरता कम करने के लिए ग्रुप एंटीटीज के साथ विभिन्न इंटर-कंपनी एग्रीमेंट को भी खत्म करने पर सहमत हुए हैं।

इसके अलावा शेयरहोल्डिंग एग्रीमेंट को सरल बनाने पर भी सहमत हुए हैं। वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड ने आज यानी 1 मार्च को एक्सचेंज फाइलिंग में इसके बारे में जानकारी दी। इसका मतलब है कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक और पेटीएम से अलग इंडिपेंडेंट एंटिटी के तौर पर काम करेगी।

इसी हफ्ते विजय शेखर ने इस्तीफा दिया था

पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा ने इसी हफ्ते 26 फरवरी को पेटीएम पेमेंट्स बैंक के बोर्ड से रिजाइन कर दिया है। वे बैंक के पार्ट टाइम नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन थे। उनके इस्तीफे के बाद बैंक का नया बोर्ड बनाया गया है। पेटीएम पेमेंट्स बैंक अब जल्द ही नए चेयरमैन की नियुक्ति की प्रोसेस शुरू करेगा।

दो डायरेक्‍टर पहले ही दे चुके हैं इस्‍तीफा

पेटीएम के फाउंडर विजय के इस्तीफा देने से पहले दो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर पेटीएम पेमेंट्स बैंक के बोर्ड से इस्तीफा दे चुके हैं। बैंक ऑफ अमेरिका और प्राइस वाटरहाउस कूपर्स (PWC) के पूर्व कार्यकारी शिंजिनी कुमार ने दिसंबर में इस्तीफा दे दिया था। वहीं SBI की पूर्व डिप्‍टी मैनेजिंग डायरेक्‍टर मंजू अग्रवाल ने भी बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था।

RBI ने पेटीएम बैंक की डेडलाइन 15 मार्च तक बढ़ाई थी

RBI ने पेटीएम पेमेंट बैंक में डिपॉजिट और अन्य ट्रांजैक्शंस की डेडलाइन को 15 मार्च तक बढ़ा दिया है। शुक्रवार 16 फरवरी को RBI ने इसे लेकर एक सर्कुलर जारी किया था। पिछले कुछ दिनों में सेंट्रल बैंक को लोगों के बहुत सारे सवाल भी मिले थे। उसके आधार पर RBI ने एक FAQ (सवाल-जवाब) भी जारी किया था।

इससे पहले 31 जनवरी को जारी सर्कुलर में RBI ने कहा था कि 29 फरवरी के बाद पेटीएम पेमेंट बैंक के अकाउंट में पैसा जमा नहीं किया जा सकेगा। इस बैंक के जरिए वॉलेट, प्रीपेड सर्विसेज, फास्टैग और दूसरी सर्विसेज में पैसा नहीं डाला जा सकेगा।

पेटीएम पेमेंट बैंक पर RBI ने लगाई है रोक

पेटीएम ब्रांड की पेरेंट कंपनी One97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड है।

इसका एक एसोसिएट बैंक भी है, पेटीएम पेमेंट बैंक लिमिटेड।

पेटीएम पेमेंट बैंक के जरिए पेटीएम ऐप पर सर्विसेज मिलती हैं।

पेटीएम पेमेंट बैंक में One97 कम्युनिकेशंस की 49% हिस्सेदारी है।

RBI ने जो रोक लगाई है वो पेटीएम पेमेंट बैंक पर लगाई है। पेटीएम अपनी कई सारी सर्विस इस बैंक के जरिए ही देता है। ऐसे में जो सर्विसेज पेटीएम पेमेंट्स बैंक के जरिए मिलती है वो 15 मार्च 2024 के बाद बंद हो जाएंगी जबकि अन्य सर्विसेज पहले की तरह चलती रहेंगी।

पेटीएम अपनी UPI सर्विस पेटीएम पेमेंट बैंक के जरिए ही देता है। इसलिए दूसरे बैंकों के साथ टाई-अप नहीं होने की स्थिति में 15 मार्च के बाद UPI सर्विस भी बंद हो जाएगी। पेटीएम ने बताया है कि उसकी NPCI और RBI दोनों के साथ इसे लेकर चर्चा चल रही है।