सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल में 25 फरवरी 2025 को “जनजातीय गौरव” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य जनजातीय समाज के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक योगदान पर चर्चा करना है।
भारत का जनजातीय समाज प्राचीन काल से ही राष्ट्र की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय नेताओं जैसे भगवान बिरसा मुंडा, टंट्या भील, रानी दुर्गावती आदि का अमूल्य योगदान रहा है। इसके अलावा, जनजातीय समाज की कला, संगीत, नृत्य, स्थापत्य एवं पारंपरिक ज्ञान भारतीय संस्कृति को समृद्ध बनाता रहा है।
इस कार्यशाला के मुख्य अतिथि माननीय दुर्गादास उइके, केंद्रीय राज्य मंत्री, जनजातीय कार्य मंत्रालय होंगे। उनके मार्गदर्शन में जनजातीय समाज के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक योगदान पर गहन चर्चा होगी।
इसके अतिरिक्त कुंवर विजय शाह, जनजातीय कार्य विभाग, मध्य प्रदेश, गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता मोहन नारायण, राष्ट्रीय संयोजक, सामाजिक समरसता मिशन, जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपरा और उनके योगदान पर अपने विचार साझा करेंगे।
इस कार्यशाला के संरक्षक बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के कुलगुरु एस. के. जैन होंगे। कार्यक्रम के आयोजन में कुलसचिव आई. के. मंसूरी एवं आयोजन समिति की संयोजक अनिता धुर्वे, समाजशास्त्र विभाग, बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल, विशेष भूमिका निभा रही हैं।
कार्यशाला का आयोजन ज्ञान विज्ञान भवन, बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल में प्रातः 11:00 बजे से किया जाएगा।

#जनजातीयगौरव #कार्यशाला #आदिवासीसंस्कृति #शिक्षा #सामाजिकविकास #परंपराविरासत #आदिवासीअधिकार #जनजातीयउत्थान