सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ दिल्ली: नई दिल्ली: नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर के आसपास आवासीय, व्यावसायिक और संस्थागत विकास को बढ़ावा देने की योजना पर काम किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) के साथ मिलकर दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर सहित अन्य प्रस्तावित मार्गों पर ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) के तहत नए शहरी केंद्र विकसित करने की संभावनाएं तलाश रहा है।

इस संबंध में एनसीआरटीसी और एनसीआरपीबी ने हाल ही में एक परामर्श कार्यशाला आयोजित की। इसमें सरकारी अधिकारियों, रियल एस्टेट डेवलपर्स, सलाहकारों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लेकर योजना के लिए जरूरी नीतिगत, नियामकीय और वित्तीय व्यवस्थाओं पर चर्चा की। उद्देश्य यह है कि परिवहन सुविधाओं के आसपास सुनियोजित आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियां विकसित हों तथा निजी निवेश को प्रोत्साहन मिले।

योजना में सराय काले खां को महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। यहां नमो भारत, दिल्ली मेट्रो, भारतीय रेलवे और अंतरराज्यीय बस टर्मिनल की कनेक्टिविटी उपलब्ध है। इस वजह से क्षेत्र में रोजगार आधारित व्यावसायिक, खुदरा और संस्थागत गतिविधियों के विकास की संभावनाएं हैं।

प्रस्तावित टीओडी मॉडल के तहत स्टेशनों के आसपास आवासीय अपार्टमेंट, कार्यालय, खुदरा बाजार, अस्पताल और अन्य सुविधाओं को एकीकृत रूप से विकसित करने की अवधारणा है। इसके साथ पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ते, फीडर सेवाएं और सार्वजनिक स्थानों को भी योजना का हिस्सा बनाया जाएगा।

डेवलपर्स ने निवेश को आकर्षित करने के लिए भूमि उपयोग में लचीलापन, निर्माण योग्य क्षेत्र अनुपात (एफएआर) में बढ़ोतरी, भूमि एकत्रीकरण की सरल प्रक्रिया और सिंगल-विंडो मंजूरी जैसी व्यवस्थाओं की जरूरत बताई है। हालांकि, इन विकास योजनाओं का स्वरूप और क्रियान्वयन संबंधित नीतिगत फैसलों तथा आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

एनसीआरटीसी का लक्ष्य परिवहन नेटवर्क के साथ सुनियोजित शहरी विकास को जोड़ना है, ताकि नमो भारत कॉरिडोर केवल आवागमन का माध्यम न रहकर रोजगार, आवास और आर्थिक गतिविधियों के नए केंद्रों को भी बढ़ावा दे सके।


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