आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इजराइल और हमास के सीजफायर के बीच टेस्ला के CEO और दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क ने सोमवार को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ इजराइल का दौरा किया। इस दौरान मस्क को हमास के इजराइल पर 7 अक्टूबर को किए हमलों के फुटेज दिखाए गए, जिसमें 1,200 लोग मारे गए और 240 को बंधक बना लिया गया था।

मस्क ने कहा कि वीडियो में आतंकवादियों की जो “खुशी” दिखाई दे रही थी, उससे वह स्तब्ध है। मस्क सबसे पहले साउथ इजराइल में किबुत्ज पहुंचे। यह इलाका 7 अक्टूबर के हमास के हमले से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ था। हमास ने जिन लोगों को बंधक बनाया था उनके परिवारों से मस्क ने मुलाकात की। मस्क को समुदाय के सिक्योरिटी चीफ ओफिर लिबस्टीन के घर ले जाया गया, जो आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे।

मस्क बोले- तीन चीजें होनी चाहिए

उन लोगों को मारने के अलावा कोई विकल्प नहीं है जो नागरिकों की हत्या पर जोर देते हैं।

शिक्षा को बदला जाए ताकि हत्यारों की नई पीढ़ी को हत्यारा बनने के लिए ट्रेन न किया जाए।

तीसरी चीज़, जो बहुत महत्वपूर्ण भी है, समृद्धि (प्रॉसपैरिटी) बनाने का प्रयास करना है।

प्रधानमंत्री नेतन्याहू और एलन मस्क ने किबुत्ज का दौरा किया, जिसने 7 अक्टूबर को सबसे अधिक भयावहता का सामना किया था।

प्रधानमंत्री और मस्क इटामारी परिवार के निवास के लिए रवाना हुए जहां मस्क ने अविगेल इदान (4) की कहानी सुनी। इसके माता-पिता की हत्या कर दी गई थी।

4 साल के बच्चे अविगेल इदान की कहानी सुनी

मस्क ने इदान परिवार के घर का भी दौरा किया और 4 वर्षीय इजरायली-अमेरिकी बच्चे अविगेल इदान की कहानी सुनी। इसका अपहरण कर लिया गया था। माता-पिता को मार दिया गया था। इसे होस्टेज के तहत कल रिहा किया गया है।

शांति और सुरक्षा का एकमात्र तरीका हमास का खात्मा

मस्क ने X पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ लाइव-स्ट्रीम बातचीत भी की। इसमें मस्क ने माना कि शांति और सुरक्षा का एकमात्र तरीका हमास को नष्ट करना है। नेतन्याहू ने कहा, आपको सबसे पहले पॉइजनस रिजीम से छुटकारा पाना होगा जैसा आपने जर्मनी में किया था, जैसा आपने जापान में किया था। हां, दूसरे वर्ल्ड वॉर में। मस्क ने जवाब दिया: ‘नो चॉइस। नो चॉइस’।

मस्क बोले- इनके दिमाग में बचपन से ही प्रोपेगेंडा भरा जाता है

मस्क ने इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग से बातचीत में कहा कि उनके लिए उन जगहों को देखना “भावनात्मक रूप से कठिन दिन” रहा जहां लोगों की हत्या की गई थी। वह वीडियो देखें जहां हत्यारे मौतों पर खुशी मना रहे हैं।

इन लोगों में बचपन से ही प्रोपेगेंडा भरा जाता है। उन्हें लगता है कि निर्दोष लोगों की हत्या करना अच्छी बात है। सोच सकते हैं कि प्रोपेगेंडा लोगों के दिमाग पर कितना प्रभाव डाल सकता है।”