सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : राजस्थान के मीणा समाज ने अपने लिए नए सामाजिक नियमों का ऐलान किया है। महापंचायत में जुटे हजारों लोगों ने तय किया कि अब किसी घर में गोद-भराई की रस्म नहीं होगी।
दहेज की जानकारी भी सार्वजनिक नहीं की जाएगी। महापंचायत ने भैया दूज भी नहीं मनाने सहित 17 बड़े डिसीजन लिए हैं। नियमों का पालन के लिए पंच-पटेल जिम्मेदार होंगे और जुर्माना भी लगेगा।
दरअसल, 18 जनवरी 2025 को करौली जिले में गोद-भराई की रस्म नहीं करने पर विवाद समाने आया था। इसके बाद महापंचायत ने लड़की के परिवार पर 11 लाख का जुर्माना लगा दिया था।
इस घटना के बाद सामाजिक व शादी-समारोह की परंपराओं पर सुधार की बात उठने लगी थी। इसी को लेकर 5 फरवरी 2025 को दौसा में मीणा सेवा संघ की महापंचायत हुई।

शादी का रिश्ता लड़का-लड़की के घर तय नहीं होगा
महापंचायत के अधिकतर डिसीजन शादी व उससे जुड़े रस्मों को लेकर किए गए हैं। मीनेष भगवान मंदिर में हुई महापंचायत में तय हुआ की शादी का रिश्ता लड़का या लड़की के घर नहीं तय होगा।
किसी तीसरे व्यक्ति के घर दोनों एक-दूसरे से मिलेंगे। जब दोनों पक्ष संतुष्ट होंगे तक लड़का-लड़की एक-एक रिश्तेदार की मौजूदगी में मिलेंगे। शादी में गोद-भराई की रस्म नहीं होगी।
दूल्हे की निकासी में डीजे भी नहीं बजेगा। महापंचायत में जन्मदिन नहीं मनाने और भैया दूज जैसे पर्व को लेकर भी नियम तय किए गए हैं।
कठोर कार्रवाई का अधिकार दिया
आदिवासी मीणा सेवा की महापंचायत पंच-पटेलों को कार्रवाई का अधिकार दिया है। महापंचायत में तय नियमों को नहीं मानने वाले परिवारों पर एक लाख तक का जुर्माना भी लगाया जाएगा। पंच-पटेल और भी कड़ी सजा नियम नहीं मानने वालों को सुना सकते हैं। बुधवार को हुई महापंचायत में लिए गए एक-एक फैसले को लेकर वहां मौजूद हजारों लोगों से सहमति ली गई।
स्टेशन मास्टर के भाई की मूंछ काट दी थी
मीणा समाज में सामाजिक सुधारों को समाज के कई मंचों पर बीते कई दिनों से चर्चा चल रही थी। दरअसल, करौली जिले के नादौती में 18 जनवरी 2025 को सगाई करने पहुंचे स्टेशन मास्टर के भाई को लड़की वालों ने बंधक बना लिया था।
इसके बाद नाराज लड़की परिवार ने उसकी मूंछ-बाल काट दिए थे। परिवार का आरोप था कि लड़का पक्ष ने लड़की को देखने के बाद सगाई करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद लड़की के परिवार पर महापंचायत ने 11 लाख का जुर्माना लगा दिया था।
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