सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह के अंतर्गत बालिकाओं की सुरक्षा, बाल अधिकारों तथा संबंधित कानूनों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग, भोपाल संभाग द्वारा विदिशा, रायसेन और सीहोर जिलों में शिक्षा विभाग के प्राचार्यों एवं वरिष्ठ महिला शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा प्राचार्यों एवं शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार करना था, ताकि वे अपने-अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों को इन विषयों के प्रति जागरूक कर सकें। विदिशा में जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक विवेक शर्मा ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और विशेष रूप से बालिकाओं के लिए संचालित योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के माध्यम से इन योजनाओं की जानकारी बालिकाओं तक पहुंचाना आवश्यक है, जिससे वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।
इस अवसर पर विधि सह परिवीक्षा अधिकारी श्याम कुमार शर्मा ने बाल अधिकार, पॉक्सो एक्ट तथा किशोर न्याय अधिनियम 2015 के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। वहीं वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक कृतिका व्यास ने और बालिका सुरक्षा विषय पर प्रशिक्षण देते हुए विद्यालयों में सुरक्षित एवं संवेदनशील वातावरण सुनिश्चित करने पर बल दिया। कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रामबाबू प्रजापति सहित अन्य सदस्यों ने भी बाल संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया। इसी क्रम में सीहोर जिला मुख्यालय के जिला पंचायत सभाकक्ष में प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) अभिनंदना शर्मा, जिला विधिक सहायता अधिकारी जीशान खान तथा बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने बालिकाओं की सुरक्षा, साइबर क्राइम जागरूकता और विभिन्न कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्राचार्यों और शिक्षकों को बाल अधिकार, बाल संरक्षण कानूनों तथा बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई, ताकि वे विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और संवेदनशील वातावरण सुनिश्चित कर सकें।
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