सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : 10वें आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में एल.एन. आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, भोपाल के पीजी विभाग क्रियाशारीर द्वारा एक प्रकृति परीक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष शिविर का मुख्य उद्देश्य भारतीय चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ाना तथा प्रतिभागियों को उनके स्वस्थ की मौलिक पहचान प्रकृति (वात, पित्त, कफ) के अनुसार आहार एवं जीवनशैली की विस्तृत जानकारी प्रदान करना था। प्रकृति की पहचान, स्वस्थ जीवन का आधार आयुर्वेद के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति एक अद्धवितीय शारीरिक और मानसिक गठन, जिसे “प्रकृति” कहा जाता है, के साथ जन्म लेता है। यह प्रकृति वात, पित्त और कफ नामक तीन दोषों के मिश्रण से निर्धारित होती है। शिविर में इसी महत्वपूर्ण सिद्धांत पर आधारित प्रकृति परीक्षण किया गया, जिससे यह पता लगाया जा सके कि किस व्यक्ति में किस दोष कि प्रधानता है। यह शिविर छात्रो, स्वंमसेवको तथा रोगियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हुआ। शिविर में लगभग 250 प्रतिभागियों की प्रकृति की जांच की गयी। जांच के बाद विशेषज्ञों ने प्रत्येक प्रतिभागी को उनकी प्रकृति के अनुसार एक व्यक्तिगत आहार चार्ट और उपयुक्त जीवनशैली संबंधी सुझाव प्रदान किया गया। यह पहल प्रतिभागियों को अपनी दैनिक आदतों में सफल, लेकिन प्रभावी बदलाव लाकर स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करने पर केंद्रित थी। विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और सामूहिक प्रयास इस ज्ञानवर्धक और लोक-कल्याणकारी कार्यक्रम का आयोजन कियाशारीर विभाग द्वारा किया गया जिसे महाविद्यालय के वरिष्ट पदाधिकारियों का उत्कृष्ट मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। प्राचार्य सपन जैन, उप-प्राचार्य वर्षा वंजारी एवं निर्देशक विशाल शिवहरे के नेतृत्व और मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ।
क्रियाशारीर विभाग के समस्त शिक्षकगणों ने इस शिविर का आयोजन और सम्पादन किया इसमें सुनिल टोपरे, दिपाली छाजेड, चेतन केळकर, शमीम खान, सुचिता श्रीखण्डे एवं डॉ. पूजा प्रजापति शामिल थे। इसके अतिरिक्त विभाग के पीजी विद्यार्थी आनंदिता वर्मा, डॉ.अमित गुप्ता, अभिषेक सिंह राजावत एवं डॉ. पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा ने भी अपनी सक्रिय सहभागिता और समर्पण से इस आयोजन को सफल बनाया। शिविर में विशेषज्ञों ने समझाया कि प्रकृति के अनुसार आहार और जीवनशैली अपनाने से न केवल बीमारियों से बचाव होता है बल्कि व्यक्ति अपने शारीरिक और मानसिक स्वस्थ के बीच एक उत्तम संतुलन भी स्थापित कर सकता है। इस तरह के आयोजनो से यह स्पष्ट होता है कि एल.एन. आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, आयुर्वेद के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह शिविर स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।
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