सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : बेंगलुरु। भारत के प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. के. कस्तूरीरंगन की विरासत को आगे बढ़ाने और देश में शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से डॉ. कस्तूरीरंगन ट्रस्ट की शुरुआत की गई है। ट्रस्ट का उद्घाटन समारोह 25 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में आयोजित हुआ। इसका लक्ष्य युवा शोधकर्ताओं को अवसर उपलब्ध कराना और ऐसे विचारों को बढ़ावा देना है, जो समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान में उपयोगी साबित हो सकें। चार प्रमुख क्षेत्रों पर रहेगा फोकस ट्रस्ट अंतरिक्ष एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा, सतत विकास और सार्वजनिक नीति के क्षेत्रों में काम करेगा। इसके तहत फेलोशिप, छात्रवृत्ति और शोध अनुदान देने के साथ सम्मेलन आयोजित करने, पुस्तकों के लेखन और वैज्ञानिक सामग्री के संकलन को बढ़ावा देने तथा भारत और विदेश के संस्थानों के साथ सहयोग करने की योजना है।

छह शोधकर्ताओं को मिलेगी फेलोशिप ट्रस्ट की पहली पहल ‘डॉ. कस्तूरीरंगन 2027 फेलोशिप’ है। इसके तहत छह पीएचडी और पोस्ट-डॉक्टोरल शोधकर्ताओं का चयन किया जाएगा। उम्मीदवारों का शोध ट्रस्ट के चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में से एक से अधिक से जुड़ा होना चाहिए और उसके व्यावहारिक उपयोग की संभावना भी होनी चाहिए। प्रत्येक चयनित शोधकर्ता को शोध खर्च के लिए चार लाख रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, उन्हें मार्गदर्शन, साल में दो कार्यशालाओं में अपने शोध को प्रस्तुत करने का अवसर और अन्य शोधकर्ताओं के साथ जुड़ने का मंच मिलेगा। नामांकन की तारीखें घोषित पहले वर्ष में फेलोशिप के लिए नामांकन 27 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे। उम्मीदवारों ने अपनी पीएचडी थीसिस 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2026 के बीच जमा की होनी चाहिए। शुरुआती चरण में नामांकन प्रतिष्ठित व्यक्तियों के समूह या प्रमुख विश्वविद्यालयों के माध्यम से किया जाएगा। चयनित शोधकर्ताओं के पहले समूह की घोषणा 25 अप्रैल 2027 को प्रस्तावित है। ट्रस्ट का उद्देश्य शोधकर्ताओं को संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराकर भारत में ज्ञान-आधारित समाधान तथा भविष्य के वैज्ञानिक नेतृत्व को मजबूत करना है।


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