सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: जी एंटरटेनमेंट ने ICC क्रिकेट राइट्स एग्रीमेंट की शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए ब्रॉडकास्टर ‘स्टार’ से 68.54 करोड़ रुपए की रिफंड मांगी है। स्टार वॉल्ट-डिज्नी की सब्सिडियरी कंपनी है।

पिछले महीने जी एंटरटेनमेंट ने डिज्नी-स्टार के साथ 1.4 बिलियन डॉलर (तब करीब 11,637 करोड़ रुपए) का एग्रीमेंट कैंसिल कर दिया था। यह डील जी एंटरटेनमेंट ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) मेन्स और अंडर-19 क्रिकेट मैचों के प्रसारण के लिए डिज्नी-स्टार के साथ की थी।

स्टार ने भी डील के उल्लंघन का आरोप लगाया था

इससे पहले स्टार ने भी ZEE को लीगल नोटिस भेजकर ब्रॉडकास्ट डील के उल्लंघन का आरोप लगाया था। जी के मुताबिक स्टार की ओर से भेजे गए नोटिस में कहा गया था कि जी ने राइट्स डील की पहली इंस्टॉलमेंट के रूप में 203.56 मिलियन डॉलर (करीब 1,691 करोड़ रुपए) के साथ कमीशन और इंटरेस्ट खर्चे का करीब 17 करोड़ रुपए का पेमेंट नहीं किया है।

26 अगस्त 2022 को हुई थी डील

30 अगस्त 2022 को जी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में डिज्नी-स्टार के साथ ICC मेंस और अंडर-19 क्रिकेट के ब्रॉडकास्ट राइट्स के लिए लाइसेंसिंग एग्रीमेंट की जानकारी दी थी। यह एग्रीमेंट 26 अगस्त को हुआ थी जो 2024 से अगले 4 सालों के लिए था।

जी-सोनी एग्रीमेंट के कैंसिल होने को माना जा रहा कारण

जी और स्टार के बीच ब्रॉडकास्ट का एग्रीमेंट भी जी-सोनी के बीच 10 बिलियन डॉलर (करीब ₹83,140 करोड़) के मर्जर डील के तहत था। माना जा रहा है कि सोनी की ओर से मर्जर कैंसिल करने के बाद जी ने स्टार के साथ ब्रॉडकास्ट डील कैंसिल करने का फैसला लिया था।

22 जनवरी को सोनी ने मर्जर डील कैंसिल की थी

इससे पहले 22 जनवरी को सोनी ने जी के साथ मर्जर डील तोड़ दी थी। दिसंबर 2021 में इन दोनों कंपनियों ने इसके लिए एग्रीमेंट साइन किया था। अगर ये मर्जर हो जाता तो जी+सोनी 24% से ज्यादा की व्यूअरशिप के साथ देश का सबसे बड़ा एंटरटेनमेंट नेटवर्क बनता।

सोनी नहीं चाहता था, पुनीत गोयनका CEO बनें इसलिए डील कैंसिल की

2021 में जब एग्रीमेंट साइन किया गया था, तब यह तय हुआ था कि पुनीत गोयनका मर्जर के बाद बनी नई कंपनी को लीड करेंगे। पुनीत गोयनका जी ग्रुप के फाउंडर सुभाष च्रंदा के बेटे और जी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर हैं।

हालांकि, बाद में शेयर मार्केट को रेगुलेट करने वाली संस्था सेबी की जांच के कारण सोनी ने गोयनका को CEO बनाने से मना कर दिया। सोनी अपने भारत के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO NP सिंह को नई कंपनी का CEO बनाने की वकालत कर रहा था।