सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल :  देशभर में आज से जनगणना प्रक्रिया की शुरुआत हो गई है, जो जनसंख्या, सामाजिक और आर्थिक स्थिति का व्यापक डेटा जुटाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इस बार की जनगणना में एक अहम बदलाव यह किया गया है कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल्स को भी शादीशुदा श्रेणी में शामिल किया जाएगा। इस निर्णय का उद्देश्य बदलते सामाजिक ढांचे को ध्यान में रखते हुए वास्तविक आंकड़ों को अधिक सटीक बनाना है।

जनगणना अधिकारियों के अनुसार, समाज में तेजी से हो रहे बदलावों के चलते पारंपरिक विवाह के अलावा अन्य प्रकार के रिश्तों को भी मान्यता देना आवश्यक हो गया है। लिव-इन कपल्स को शादीशुदा मानने से उनके सामाजिक और आर्थिक आंकड़ों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा, जिससे नीतियां और योजनाएं अधिक प्रभावी बनाई जा सकेंगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सामाजिक वास्तविकताओं को स्वीकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल डेटा संग्रहण अधिक सटीक होगा, बल्कि नीति निर्माण में भी विविध पारिवारिक संरचनाओं को ध्यान में रखा जा सकेगा।

हालांकि, इस फैसले पर समाज के विभिन्न वर्गों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे प्रगतिशील कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ पारंपरिक दृष्टिकोण से इसे लेकर सवाल उठा रहे हैं।

जनगणना का यह चरण देश के विकास और योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह डेटा सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आवास जैसी योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने में मदद करेगा।

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