सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल:
अमेरिका की विदेश नीति में बदलते संकेतों ने भारत की रणनीतिक चिंताओं को बढ़ा दिया है। लंबे समय तक भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अहम साझेदार मानने वाले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump अब चीन के प्रति अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाते दिखाई दे रहे हैं। हालिया बयानों और कूटनीतिक संकेतों ने नई बहस छेड़ दी है कि क्या वॉशिंगटन अपनी प्राथमिकताएं बदल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, तकनीक और वैश्विक प्रभाव को लेकर प्रतिस्पर्धा जारी रहने के बावजूद ट्रंप के हालिया रुख ने नई रणनीतिक अटकलों को जन्म दिया है। माना जा रहा है कि यदि अमेरिका चीन के साथ संबंध सुधारने की दिशा में आगे बढ़ता है तो इसका असर भारत-अमेरिका संबंधों और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर पड़ सकता है।
भारत पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका का अहम रणनीतिक सहयोगी बनकर उभरा है। रक्षा, तकनीक, व्यापार और इंडो-पैसिफिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच करीबी बढ़ी है। ऐसे में चीन को लेकर अमेरिकी नीति में संभावित बदलाव नई दिल्ली के लिए चिंता का कारण बन सकता है।
हालांकि विदेश नीति विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि भारत और अमेरिका के संबंध केवल चीन पर आधारित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के साझा आर्थिक और सामरिक हित भी काफी मजबूत हैं। इसके बावजूद वैश्विक राजनीति में बदलते समीकरणों पर भारत की नजर बनी हुई है।
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