सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इंदौर। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर के जीवन, सुशासन और जनकल्याणकारी कार्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए इंदौर में करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से भव्य स्मारक विकसित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार की इस परियोजना को वर्ष 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को लालबाग पैलेस के पास निर्माणाधीन स्मारक का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के तहत आसपास की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को भी एकीकृत विकास योजना में शामिल करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य इंदौर आने वाले पर्यटकों को होलकरकालीन इतिहास और विरासत से एक साथ परिचित कराना है।

आधुनिक तकनीक से दिखाई जाएगी जीवनगाथा स्मारक को आधुनिक ऑडियो-विजुअल तकनीक के माध्यम से विकसित किया जा रहा है। यहां आने वाले लोगों को देवी अहिल्याबाई होलकर के जीवन, शासन, सामाजिक कार्यों और धार्मिक-सांस्कृतिक योगदान की जानकारी दी जाएगी। परियोजना के वास्तुविद हिमांशु दुधवड़कर के अनुसार, भवन का लगभग 50 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। लालबाग पैलेस सहित ऐतिहासिक स्थलों का होगा विकास मुख्यमंत्री ने लालबाग पैलेस, रामपुर कोठी, चंपा बावड़ी और एक शिव मंदिर को एकीकृत विकास योजना में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। योजना का उद्देश्य इन स्थलों को बेहतर पर्यटक सुविधाओं से जोड़ना और इंदौर की ऐतिहासिक पहचान को मजबूत करना है। देवी अहिल्याबाई होलकर ने वर्ष 1767 से 1795 तक होलकर रियासत का शासन संभाला। उन्हें सुशासन, न्याय और जनकल्याण के लिए याद किया जाता है। उन्होंने कृषि, व्यापार और बुनाई उद्योग को प्रोत्साहन दिया तथा देश के कई प्रमुख तीर्थस्थलों पर मंदिरों, घाटों और धर्मशालाओं के निर्माण में योगदान दिया। स्मारक के निर्माण से इंदौर में ऐतिहासिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने और विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं तथा पर्यटकों को होलकरकालीन विरासत को समझने का अवसर मिलने की उम्मीद है।


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