भारत ने आधुनिक युद्ध की बदलती चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बिना आमने-सामने की जंग (नॉन-कॉन्टैक्ट वॉरफेयर) की तैयारी तेज कर दी है। सरकार ने ‘अनंत शस्त्र’ समेत कुल 6 बड़े रक्षा प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू किया है, जिन पर करीब ₹2.19 लाख करोड़ खर्च किए जाएंगे।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य तकनीकी रूप से उन्नत और भविष्य के युद्धों के लिए तैयार रक्षा प्रणाली विकसित करना है। इसमें साइबर वॉरफेयर, ड्रोन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित हथियार और मिसाइल सिस्टम जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक युद्ध अब पारंपरिक लड़ाई से आगे बढ़कर टेक्नोलॉजी आधारित हो गया है, जहां दुश्मन को बिना सीधे टकराव के कमजोर किया जाता है। इसी रणनीति को ध्यान में रखते हुए भारत अपनी सैन्य ताकत को नए आयाम दे रहा है।
सरकार का मानना है कि इन प्रोजेक्ट्स से देश की रक्षा क्षमता मजबूत होगी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यह पहल भारत को वैश्विक रक्षा क्षेत्र में भी मजबूत स्थिति दिलाने में मदद करेगी।
यह निवेश न केवल सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे रक्षा उत्पादन और तकनीकी विकास को भी गति मिलेगी।
कुल मिलाकर, भारत का यह कदम भविष्य के युद्ध परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए एक मजबूत और रणनीतिक पहल है, जो देश की सुरक्षा और वैश्विक स्थिति को और सुदृढ़ करेगा।