आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड यानी IMF ने भारत को ‘स्टार परफॉर्मर’ बताया है। IMF ने कहा कि इस साल ग्लोबल ग्रोथ में भारत 16% से अधिक योगदान दे सकता है। डिजिटलीकरण और बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में आर्थिक सुधारों के कारण भारत की विकास दर मजबूत बनी हुई है।

IMF की असिस्टेंट डायरेक्टर नाडा चौएरी ने न्यूज एजेंसी PTI से कहा, ‘हम पिछले कुछ समय से देख रहे हैं कि भारत बहुत मजबूत दर से बढ़ रहा है। जब हम समकक्ष देशों को देखते हैं और वास्तविक विकास की बात आती है तो यह स्टार परफॉर्मेंस करने वालों में से एक के रूप में दिखाई देता है। यह सबसे तेजी से बढ़ते बड़े बाजारों में से एक है।’

ग्लोबल ग्रोथ स्लोडाउन का सामना कर रहा भारत

IMF ने सोमवार को भारत के साथ अपना सालाना आर्टिकल-IV परामर्श जारी करते हुए कहा, ‘भारत इस साल दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की राह पर है।’ हालांकि, नाडा चौएरी ने कहा कि भारत को ग्लोबल ग्रोथ स्लोडाउन सहित ग्लोबल एडवर्सिटीज का सामना करना पड़ रहा है।

मजबूती से उभरी भारत की अर्थव्यवस्था

IMF ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि कोरोना महामारी से भारत की अर्थव्यवस्था मजबूती से उभरी है। वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान, हेडलाइन इन्फेशन कम हो गई है और बजट घाटा कम हो गया है। हालांकि, पब्लिक डेट (Debt) हाई पर बना हुआ है।

कई राज्यों में नौकरशाही हावी

एक सवाल का जवाब देते हुए चौएरी ने कहा कि निवेश और विकास के लिए राजनीतिक स्थिरता महत्वपूर्ण है। कारोबारी माहौल को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं, लेकिन कई राज्यों में अभी भी बहुत नौकरशाही और बहुत अधिक लालफीताशाही है।

वहीं, IMF ने कहा कि यदि व्यापक सुधार किए जाते हैं तो भारत में एक्ट्रा लेबर और ह्यूमन कैपिटल की मदद से हाई ग्रोथ एक्सपीरिएंस करने की कैपेसिटी है।

वित्त वर्ष 2024 में भारत की GDP में 6.3% की ग्रोथ का अनुमान

दो महीने पहले 10 अक्टूबर को IMF ने फाइनेंशियल ईयर-2024 के लिए भारत की GDP ग्रोथ रेट का अनुमान 6.1% से बढ़ाकर 6.3% कर दिया था। अक्टूबर 2023 की वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (WEO) रिपोर्ट में IMF ने इस बात की जानकारी दी थी।

इससे पहले जून में भी भारत की GDP ग्रोथ रेट का अनुमान 0.20% बढ़ाकर 6.1% किया था। FY25 के लिए IMF ने भारत की GDP ग्रोथ रेट का अनुमान 6.3% पर बरकरार रखा था। IMF ने रिपोर्ट में कहा था कि भारत की ग्रोथ मजबूत बनी रहेगी। ग्रोथ में ये तेजी अप्रैल-जून के दौरान अनुमान से ज्यादा खपत को दर्शाता है। वहीं IMF ने ग्लोबल ग्रोथ रेट के अनुमानों में कटौती की थी।