सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) में विश्व फिजियोथेरेपी दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कार्यक्रम में राजीव गांधी कॉलेज के प्रोफेसर एवं प्राचार्य विजयe कुमार मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे, वहीं बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक मनीषा श्रीवास्तव विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद थीं। विश्व फिजियोथेरेपी दिवस की इस वर्ष की थीम है— “स्वस्थ वृद्धावस्था में फिजियोथेरेपी और शारीरिक सक्रियता की भूमिका – दुर्बलता एवं गिरने की रोकथाम”।


कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि एक अच्छे फिजियोथैरेपिस्ट के लिए अपने विषय के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है, तभी वह मरीज का उपचार कर पाएगा।खुशी की बात है कि बीएमएचआरसी का फिजियोथैरेपी विभाग भोपाल व मप्र के सर्वश्रेष्ठ सेंटर में से एक है। विभाग में जल्द ही बैचलर आॅफ फिजियोथैरेपी कोर्स भी शुरू होने वाला है। शुरूआत में 40 सीटों के लिए मप्र सह—चिकित्सा परिषद से मंजूरी मिल गई है।
डॉ. विजय कुमार ने अपने उद्बोधन में बताया कि वृद्धावस्था में शारीरिक सक्रियता और नियमित फिजियोथेरेपी न केवल जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाती है, बल्कि गिरने से होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की रोकथाम भी करती है। बीएमएचआरसी के न्यूरोसर्जरी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ सौरभ दीक्षित ने कहा कि सर्जन किसी भी मरीज सर्जरी करता है, लेकिन इसके बाद मरीज को ठीक करने का काम फिजियोथैरेपिस्ट करते हैं।
इस अवसर पर बीएमएचआरसी की फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. नेहल शाह ने कहा कि 2019 में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की संख्या 1 अरब थी, जो 2050 तक 2.1 अरब हो जाएगी। गिरने और दुर्बलता की रोकथाम हेतु नियमित व्यायाम, संतुलन सुधारने वाले अभ्यास और सामाजिक जुड़ाव आवश्यक हैं। फिजियोथेरेपिस्ट प्रत्येक आयु वर्ग के लिए उपयुक्त व्यायाम योजनाएँ बनाकर लोगों को सुरक्षित, स्वतंत्र और सक्रिय जीवन जीने में सहयोग कर सकते हैं। फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. सीमा रानी और डॉ. मनीष द्विवेदी ने क्रमशः अनुभव साझा किए और धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

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