सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में मध्यप्रदेश में पोषण और आधुनिक कल्याण के लिए पारंपरिक ज्ञान का उपयोग विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य समापन हुआ। यह कार्यक्रम मध्‍यप्रदेश काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्‍नोलॉजी द्वारा वित्तपोषित एवं समर्थित है तथा सेंटर फॉर साइंस कम्युनिकेशन और विज्ञान संकाय द्वारा आयोजित किया गया है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती सयना कुरैशी, एडवाइज़र, भारतीय खेल प्राधिकरण, भारत सरकार, विशिष्ट अतिथि डॉ. रेखा पाल शाह, एम्स, नई दिल्ली, सुरभि यादव, बीबीसी, ताज लेकफ्रंट भोपाल के शेफ़ अनुप गुप्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति रवि प्रकाश दुबे ने की। वही कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. प्रीति सिंह भी उपस्थित रही। सयना कुरैशी, स्वस्थ जीवनशैली के लिए संतुलित आहार और नियमित व्यायाम दोनों का समन्वय आवश्यक है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे खेल और फिटनेस को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर न केवल शारीरिक रूप से, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनें।


डॉ. रवि प्रकाश दुबे ने कहा की कहा कि परंपरागत ज्ञान हमारी धरोहर है और यह हमारी संस्कृति की पहचान भी है। इसे आधुनिक शोध और तकनीक से जोड़कर ही हम समाज के व्यापक कल्याण की दिशा में ठोस कदम उठा सकते हैं। उन्होंने इस तरह की संगोष्ठियों को समय की आवश्यकता बताया। डॉ. रेखा पाल शाह ने अपने व्याख्यान में सुपर फूड्स की महत्ता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विशेषकर मिलेट्स के लाभों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ये स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी और पोषक हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को इन्हें दैनिक आहार का हिस्सा बनाने की सलाह दी।


निदेशक सुरभि यादव ने पारंपरिक औषधीय पौधों की उपयोगिता और फाइटोथेरेपी की वैज्ञानिक महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इनका उपयोग न केवल रोगों की रोकथाम में बल्कि उपचार में भी प्रभावी है। उन्होंने पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को आधुनिक स्वास्थ्य पद्धतियों से जोड़ने की आवश्यकता बताई। निदेशक अनुप गुप्ता ने छात्रों को प्रेरित करते हुए सरल शब्दों में ईट वेल, स्लिप वेल एंड स्टडी हार्ड का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अच्छा भोजन, पर्याप्त नींद और कठोर परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने युवाओं को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने की सलाह दी।
संगोष्ठी में देशभर से आए 100 से अधिक शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किये। विजेताओ को सर्टिफिकेट और ट्राफी से पुरस्कृत किया गया। दूसरे दिन द्वितीय सत्र में निदेशक पद्मेश चतुर्वेदी, ओएसडी, चांसलर, आरएनटीयू ने स्वागत उद्बोधन में सभी का स्वागत करते हुवे उपस्थित छात्रों को प्रेरित किया। वहीँ समापन सत्र में डॉ. अंकित अग्रवाल, डीन, आरएनटीयू ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन गब्बर सिंह, एनएसएस ऑफिसर और निदेशक भूपेंद्र सिंह असिस्टेंट सेंटर फॉर साइंस कम्युनिकेशन ने किया।

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