सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्यप्रदेश तथा फूड एंड न्यूट्रिशन विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया। इस अवसर पर “महिला एवं बाल पोषण, कुपोषण उन्मूलन और स्वास्थ्य” विषय पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि निशा सक्सेना, सदस्य, मध्यप्रदेश बाल अधिकार आयोग रहीं। श्री मृदुल मालवीय, बाल विकास परियोजना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, भोपाल भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कॉलेज के रजिस्ट्रार महेश वंजानी ने भी अपने विचार साझा किए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पोषण के महत्व को उजागर करना, कुपोषण की रोकथाम करना तथा छात्रों और समाज में एक स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में विशेष रूप से गर्भावस्था, स्तनपान काल, शैशवावस्था में पोषण के महत्व को लेकर जागरूकता फैलाने पर बल दिया गया। डॉ. सुधीर शर्मा द्वारा सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) के महत्व को व्यावहारिक रूप से समझाया गया।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने निम्नलिखित बिंदुओं पर ज़ोर दिया: डॉ. निशा सक्सेना ने पोषण माह मनाने के महत्व पर बल देते हुए समाज में पोषण संबंधी जागरूकता फैलाने की आवश्यकता बताई। श्री मृदुल मालवीय ने बच्चों में मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग को कम करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ज्यादा स्क्रीन टाइम उनके शारीरिक और मानसिक विकास को प्रभावित करता है। कॉलेज के रजिस्ट्रार महेश वंजानी ने संतुलित पोषण को स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक बताया और छात्रों से मोबाइल का सीमित उपयोग करने की अपील की। कॉलेज की प्राचार्या डॉ. डालिमा पारवानी ने छात्रों को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया और कहा कि ऐसे कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं बल्कि करियर और व्यक्तिगत विकास को भी सशक्त बनाते हैं। कार्यक्रम के अंत में पोषण माह को मनाने के महत्व को दोहराया गया, यह अभियान संतुलित आहार और पोषण के प्रति सभी वर्गों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है ताकि कुपोषण को समाप्त कर एक स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र का निर्माण किया जा सके।
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