सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत जारी सेवा पखवाड़े के ग्यारहवें दिन मध्यप्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल शामिल हुए। उन्होंने परिसर में पौधारोपण कर जारी जांच शिविरों का अवलोकन किया। राज्यमंत्री पटेल मनोचिकित्सा विभाग में ईसीटी मशीन एवं श्वसन चिकित्सा विभाग विभाग में डीएलसीओ मशीन का लोकार्पण किया। मंत्री पटेल ने परिसर में स्वास्थ्य रैली को भी रवाना किया। मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि बीएमएचआरसी की टीम ने स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान में भी बहुत अच्छा काम किया है। वर्ष 2047 तक हमें भारत को विकसित भारत बनाना है। भारत तभी विकसित हो सकता है जब नारी सशक्त होगी, तभी परिवार सशक्त होगा। सशक्त परिवार ही भारत को सशक्त बनाएगा। बीएमएचआरसी नित नए सोपान पर पहुंच रहा है। प्रभारी निदेशक डॉ मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि मोहल्ला क्लिनिक की तर्ज पर हमारे स्वास्थ्य केंद्र सेवा दे रहे हैं। सिकल सेल उन्मूलन के लिए आदिवासी क्षेत्रों में भी हम काम कर रहे है। हम लेटेंट टीबी यानी टीबी होने से पूर्व जांच की भी कर रहे हैं। बीएमएचआरसी चिकित्सा शिक्षा में भी काम कर रहा है और नित नए पाठ्यक्रमों को जोड़ते जा रहा है। हम राष्ट्रीय कार्यक्रमों जैसे सर्वाइकल कैंसर, टीबी उन्मूलन, सिकल सेल, एनीमिया उन्मूलन आदि में आगे बढ़कर काम कर रहे हैं। हम स्टेट ऑफ आर्ट डायलिसिस सेंटर भी बना रहे हैं। लोककल्याण में बीएमएचआरसी प्रदेश शासन का हमेशा साथ देता रहेगा।


ईसीटी मशीन से मरीजों को यह फायदा: ईसीटी मशीन एक ऐसी डिवाइस है जिसका इस्तेमाल गंभीर मानसिक रोग, जैसे कि प्रमुख डिप्रेशन, बाइपोलर डिसऑर्डर या कैटाटोनिया के इलाज में किया जाता है । इसमें मरीज के सिर पर इलेक्ट्रोड लगाकर मस्तिष्क में कुछ सेकेंड के लिए विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है । इससे एक छोटा दौरा (सीज़र) आता है , जिससे दिमाग की रसायन क्रिया में बदलाव आता है और लक्षणों में सुधार होने लगता है । यह तकनीक उन मरीजों के लिए अत्यंत प्रभावी है जिन पर दवाओं का पर्याप्त असर नहीं होता। पल्मोनरी फाइब्रोसिस, आईएलडी और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों के निदान और प्रबंधन के लिए वरदान डीएलसीओ मशीन : डीएलसीओ मशीन (कार्बन मोनोऑक्साइड के लिए फेफड़ों की विसरण क्षमता): यह फेफड़ों की कार्यक्षमता मापने की एक विशेष जांच मशीन है। इसके जरिए यह पता चलता है कि फेफड़े ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का आदान-प्रदान कितनी कुशलता से कर रहे हैं। यह मशीन पल्मोनरी फाइब्रोसिस, आईएलडी और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियों के निदान और प्रबंधन में बेहद उपयोगी है।


मासिक धर्म स्वच्छता और ऑटिज्म पर जागरूकता शिविर आयोजित: संस्थान के सभागार में सामुदायिक जागरूकता को लेकर शिविर, संगोष्ठी और पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। किशोरियों में मासिकधर्म स्वच्छता एवं सही पोषण विषय पर डॉ अलका दुबे ने प्रकाश डाला। सुश्री पूनम बिचपुरिया गौर ने ऑटिज्म, एडीएचडी और विकासात्मक देरी जूझ रही माताओं एवं परिवार की भूमिका पर अपनी बात कही। डॉ रचिता चंसोरिया एवं डॉ आसमा नाजिया ने मोटापे के मरीजों, स्त्री रोग संबंधी समस्याओं, कैंसर पर जानकारियां साझा की। इस अवसर पर महिला मरीजों के लिए यूएसजी शिविर में जांचें भी की गईं। स्वास्थ्य केंद्रों पर हुआ वॉकाथॉन: स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत जारी सेवा पखवाड़े में सोमवार को स्वास्थ्य केंद्रों पर ‘कम तेल, कम चीनी, ज्यादा हरियाली’ संदेश के साथ स्वास्थ्य रैली एवं वॉकाथॉन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एचपीवी टीकाकरण के महत्व पर जानकारी दी गई। संतुलित आहार एवं नियमित व्यायाम से जीवनशैली सुधार के लिए जागरूकता रैली में महिलाओं सहित युवा शामिल हुए।

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