सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में आरोग्यं परमं भाग्यं की मान्यता रही है। निरोगी काया को सर्वोच्च सुख माना गया है और योग व आयुर्वेद जैसे अद्वितीय विज्ञान इसी धरोहर का हिस्सा हैं। आयुर्वेद के सिद्धांतों को अपनाकर आयुष्मान भव के आशीर्वाद को चरितार्थ किया जा सकता है। वे कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित दसवें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। मुख्यमंत्री यादव को औषधीय पौधा और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर आयुष और पर्यटन विभाग के बीच वेलनेस को बढ़ावा देने हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। मुख्यमंत्री ने आयुष जनस्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत “कारुण्य” कैंसर उपचार योजना, औषधीय पौधों हेतु हेल्पलाइन और मासिक पत्रिका मध्य हर्बल दर्पण का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में योग और आयुर्वेद की स्वीकार्यता विश्व स्तर पर बढ़ी है। आज 150 से अधिक देश आयुर्वेद को अपना रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के सभी आयुष महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू होंगे और चिकित्सकों को स्वास्थ्य विभाग के समान वेतनमान दिया जाएगा। साथ ही प्रदेश में 12 नए आयुष अस्पताल खोले जाएंगे। उन्होंने चिकित्सकों से आग्रह किया कि मरीजों को योग, ध्यान और संतुलित दिनचर्या के साथ स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करें। इस अवसर पर मंत्रियों, विधायकों, जनप्रतिनिधियों, छात्र-छात्राओं और विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति रही।

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