सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : एम्स भोपाल में प्रो. माधवानंद कर, कार्यपालक निदेशक एवं सीईओ के मार्गदर्शन में पैथोलॉजी एवं लैब मेडिसिन विभाग द्वारा दो महत्वपूर्ण सीएमई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिन्होंने चिकित्सा शिक्षा और व्यावहारिक कौशल को नई ऊँचाई दी। “सीएमई सह कार्यशाला ऑन रीनल पैथोलॉजी: फ्रॉम पैटर्न्स टू प्रैक्टिस” का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विशेष रूप से पैथोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया था। इसमें ग्लोमेरुलर रोगों के निदान, ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस की पहचान में चुनौतियाँ, रीनल ट्रांसप्लांट बायोप्सी के नवीनतम अपडेट और हिस्टोपैथोलॉजी व क्लीनिकल निष्कर्षों का समन्वय जैसे विषय शामिल थे। लाइव स्लाइड व्यूइंग और डीआईएफ कार्यशाला ने प्रतिभागियों को वास्तविक मामलों का अनुभव प्रदान किया। देशभर के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया और 70 से अधिक प्रतिभागियों ने व्याख्यान और संवादों से लाभ उठाया।

इसके अगले दिन, डर्मेटोलॉजी विभाग और डर्मेटोपैथोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया के सहयोग से “नेशनल सीएमई ऑन प्रैक्टिकल डर्मेटोपैथोलॉजी” का आयोजन हुआ। इसमें 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और कुष्ठ रोग, लीशमैनियासिस, फंगल संक्रमण और त्वचीय तपेदिक जैसे उष्णकटिबंधीय रोगों पर गहन चर्चा की। लाइव स्लाइड व्यूइंग और ई-पोस्टर प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और समृद्ध किया। पोस्टर प्रतियोगिता में तीन श्रेष्ठ पोस्टरों को पुरस्कृत किया गया। इन दोनों कार्यक्रमों ने प्रतिभागियों को ज्ञान, व्यावहारिक अनुभव और विशेषज्ञों से संवाद का अवसर प्रदान किया, जिससे एम्स भोपाल चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान में नए मानक स्थापित करता रहा।
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