आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : नकदी संकट से जूझ रही एयरलाइंस गो फर्स्ट को खरीदने के लिए तीन कंपनियों ने रुचि दिखाई है। इनमें देश की बजट एयरलाइन स्पाइसजेट, अफ्रीका की सैफ्रिक इन्वेस्टमेंट्स और शारजाह की एविएशन कंपनी स्काई वन शामिल हैं। द इकोनॉमिक टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।

रिपोर्ट के अनुसार, तीनों कंपनियों ने गो फर्स्ट को खरीदने की बोली लगाने की डेट बढ़ाने की मांग की है। अब बोली लगाने की डेट बढ़ेगी या नहीं इस पर लैंडर्स की कमेटी आने वाले दिनों में फैसला लेगी।

बढ़ सकती है बोली लगाने की डेडलाइन

गो फर्स्ट एयरलाइंस को खरीदने के लिए बोली लगाने की आखिरी डेट 22 नवंबर 2023 थी, लेकिन तब तक किसी ने भी इसे खरीदने की इच्छा नहीं जताई थी। अब जब तीन कंपनियों ने एयरलाइंस को खरीदने की इच्छा जताई है तो उम्मीद जताई जा रही है कि लेंडर्स बोली लगाने की डेट बढ़ाने की मांग को मान सकते हैं।

एयरलाइन पर लेंडर्स का 6,521 करोड़ रुपए बकाया

गो फर्स्ट पर अपने लेंडर्स का 6,521 करोड़ रुपए बकाया है। एक्यूइट रेटिंग्स एंड रिसर्च ने 19 जनवरी की रिपोर्ट में कहा था कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का सबसे ज्यादा 1,987 करोड़ रुपए का एक्सपोजर था, इसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा का 1,430 करोड़ रुपए, डॉयचे बैंक का 1,320 करोड़ रुपए और IDBI बैंक का 58 करोड़ रुपए बकाया था।

3 मई से बंद है गो फर्स्ट एयरलाइंस की फ्लाइट्स

गो फर्स्ट एयरलाइंस ने 2 मई को बताया कि वो 3, 4 और 5 मई के लिए अपनी सभी फ्लाइट कैंसिल कर रही है। इसके बाद से गो फर्स्ट लगातार फ्लाइट्स सस्पेंड करने की डेट आगे बढ़ा रही है।

इंजन सप्लाई नहीं होने से बंद करने पड़े ऑपरेशन

एयरलाइन का दावा है कि वो इंजनों की सप्लाई नहीं होने से उसे अपने ऑपरेशन बंद करने पड़े हैं। अमेरिका के एयरक्राफ्ट इंजन मैन्युफैक्चरर प्रैट एंड व्हिटनी (PW) को गो फर्स्ट को इंजन की सप्लाई करनी थी, लेकिन उसने समय पर इसकी सप्लाई नहीं की। ऐसे में गो फर्स्ट को अपनी फ्लीट के आधे से ज्यादा एयरक्राफ्ट ग्राउंडेड करने पड़े। इससे उसे भारी नुकसान हुआ।

फ्लाइट नहीं उड़ने के कारण उसके पास कैश की कमी हो गई और फ्यूल भरने के लिए भी पैसे नहीं बचे। एयरलाइन के A20 नियो एयरक्राफ्ट में इन इंजनों का इस्तेमाल होता है। एयरलाइन के CEO कौशिक खोना का दावा है कि इंजन की खराबी से कंपनी को बीते तीन साल में 1.1 बिलियन डॉलर यानी करीब 8.9 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

2005 में मुंबई से अहमदाबाद के लिए उड़ी थी पहली फ्लाइट

गो फर्स्ट वाडिया ग्रुप की बजट एयरलाइन है। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार 29 अप्रैल 2004 को गो फर्स्ट की शुरुआत हुई थी। नवंबर 2005 में मुंबई से अहमदाबाद के लिए पहली फ्लाइट ऑपरेट की। एयरलाइन के बेड़े में 59 विमान शामिल हैं।

इनमें से 54 विमान A320 NEO और 5 विमान A320 CEO हैं। गो फर्स्ट 35 डेस्टिनेशन के लिए अपनी फ्लाइट ऑपरेट करता है। इसमें से 27 डोमेस्टिक और 8 इंटरनेशनल डेस्टिनेशन शामिल हैं। एयरलाइन ने साल 2021 में अपने ब्रांड नाम को गोएयर से बदलकर गो फर्स्ट कर दिया था।