आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : रेमंड ग्रुप के चेयरमैन गौतम सिंघानिया और उनकी पत्नी नवाज मोदी के अलग होने की खबरों के बीच ग्रुप के फाउंडर और गौतम के पिता विजयपत सिंघानिया का एक इंटरव्यू सामने आया है। बिजनेस टुडे से बातचीत में विजयपत ने अपनी विरासत बेटे को सौंपने पर अफसोस जताया।
विजयपत ने कहा- ‘मेरे पास अब कुछ नहीं है। मैंने उसे सब कुछ दिया। गलती से मेरे पास कुछ पैसे बच गए थे, जिनसे मैं आज गुजारा कर रहा हूं। नहीं तो मैं सड़क पर होता। वह मुझे सड़क पर देखकर खुश होता। मुझे इस बात का यकीन है। अगर वह अपनी पत्नी को इस तरह बाहर फेंक सकता है, अपने पिता को इस तरह बाहर फेंक सकता है, मुझे नहीं पता कि वह क्या है।’
अपने बच्चों को सब कुछ देने से पहले बहुत सावधानी से सोचें
विजयपत सिंघानिया ने अपने बेटे के बारे में बात करते हुए कहा, ‘माता-पिता को अपने बच्चों को सब कुछ देने से पहले बहुत सावधानी से सोचना चाहिए। मैं आपको यह नहीं कह रहा हूं कि मत दो। मैं केवल यह कह रहा हूं कि अपनी मौत के बाद दें। अपने जीवनकाल में न दें, क्योंकि इसकी आपको भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।’
नवाज मोदी की मदद के लिए तैयार विजयपत सिंघानिया
विजयपत सिंघानिया ने कहा कि उन्होंने नवाज मोदी की मदद करने की पेशकश की थी, लेकिन नवाज ने कहा, ‘नहीं पापा, मैं इसे खुद संभाल लूंगी।’
उन्होंने कहा, ‘मैं इसका सम्मान करता हूं। इसलिए मैं गौतम और नवाज के बीच हस्तक्षेप नहीं करना चाहता हूं। यह बेहतर है, मैं नवाज को संभालने दूं। वह भी एक पॉपुलर और सम्मानित कानूनी परिवार से आती हैं। उनके पिता 93 वर्ष के हैं, जो बहुत वरिष्ठ वकील हैं। वह खुद भी एक वकील हैं, हालांकि उन्होंने कभी प्रैक्टिस नहीं की है।
अगर उन्हें कभी भी मेरी सलाह की जरूरत हो तो मेरे पास आने के लिए उसका स्वागत है। मैं अच्छी से अच्छी मदद करने की कोशिश करूंगा, लेकिन अगर वह इसे खुद करना चाहती हैं तो मैं हस्तक्षेप नहीं करूंगा। मुझे लगता है कि उन्हें अपना जीवन अपनी इच्छा के अनुसार जीने का अधिकार है। सभी बच्चों को यह अधिकार मिलना चाहिए।’
मुझ पर चिल्ला सकता है और मुझे गाली दे सकता है गौतम
विजयपत से पूछा गया कि अगर नवाज इस मामले को सुलझाने के लिए आपके पास आती हैं तो क्या आप अपने बेटे से बात करेंगे। इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ‘मेरा पहला उत्तर हां होगा, मैं उससे मिलने के लिए तैयार हूं। मेरा दूसरा उत्तर यह है कि उससे मिलने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि वह मेरी बात नहीं सुनेगा।
यदि मैं कुछ ऐसा कहूंगा जो उसे पसंद नहीं होगा तो वह मुझ पर चिल्ला सकता है, वह मुझे गाली दे सकता है। वह इस तरह की सभी चीजें करता है, इसलिए मैं जितना संभव हो सके दूर रहने की कोशिश करूंगा। मैं अपना सपोर्ट अपनी बहू को दूंगा, अपने बेटे को नहीं।’
पैसा पावर है… पावर ईगो है… ईगो अहंकार है
एक समय मेरे पास बहुत सारा पैसा, शक्ति और अधिकार भी थे। मुझे नहीं लगता कि भगवान की कृपा से यह कभी मेरे सिर पर चढ़ा। अगर यह बात उसके (गौतम) सिर पर चढ़ गई है, तो शायद वह उनमें से एक है। इस दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो इसे अपने सिर पर चढ़ने देते हैं। पैसा पावर है, पावर ईगो है, ईगो अहंकार है।
13 नबंवर को गौतम सिंघानिया अलग होने का ऐलान किया था
गौतम सिंघानिया ने 11 दिन पहले 13 नबंवर को अपनी पत्नी नवाज मोदी सिंघानिया से अलग होने की जानकारी दी थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और X पर लिखा था-
अलग होने के लिए संपत्ति में 75% हिस्सा चाहती हैं नवाज मोदी
गौतम सिंघानिया के अलग होने की ऐलान के बाद नवाज मोदी ने अलग होने के लिए शर्त रखी है। उन्होंने 1.4 बिलियन डॉलर (करीब 11 हजार करोड़ रुपए) की कुल संपत्ति में 75% हिस्सेदारी मांगी है। इकोनॉमिक्स टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में इसके बारे में कुछ दिन पहले जानकारी दी थी। हालांकि, अभी तक कोई भी फाइनल निर्णय नहीं हुआ है।