सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : वर्ल्ड बैंक ने FY24 के लिए भारत का GDP अनुमान 1.2% बढ़ाकर 7.5% कर दिया है। वर्ल्ड बैंक को सर्विस और इंडस्ट्रियल सेक्टर में तेजी की उम्मीद है जिस कारण उसने अनुमान बढ़ाया है। वहीं FY25 के लिए GDP अनुमान 0.2% बढ़ाकर 6.6% कर दिया है।
FY24 से FY25 के बीच ग्रोथ में स्लोडाउन पिछले साल की तुलना में निवेश में गिरावट को दर्शाती है। वहीं, दूसरी ओर आने वाले महीनों में महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद है। इससे RBI के लिए ब्याज दरों में कटौती करना आसान होगा। सरकारी कर्ज में भी गिरावट का अनुमान है।
वित्त वर्ष 2025-2026 में GDP ग्रोथ 6.5% रहने का अनुमान
वर्ल्ड बैंक ने FY26 के लिए GDP अनुमान को 6.5% रखा है। वर्ल्ड बैंक ने यह भी कहा है कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से बढ़ेगी।
वर्ल्ड बैंक का यह प्रोजेक्शन डोमेस्टिक डिमांड में बढ़ोतरी, पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च और स्ट्रॉग प्राइवेट सेक्टर क्रेडिट ग्रोथ से प्रभावित है। हालांकि, वर्ल्ड बैंक ने यह भी कहा है कि उच्च खाद्य महंगाई और पेंटअप डिमांड में कमी के चलते प्राइवेट कंजम्पशन ग्रोथ कम रह सकती है।
RBI को FY25 में 7% GDP ग्रोथ की उम्मीद
रिजर्व बैंक ने 2 महीने पहले फरवरी में मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग के बाद GDP और महंगाई का अनुमान जारी किया था।
FY25 में रियल GDP ग्रोथ अनुमान को 6.70% से बढ़ाकर 7% कर दिया था।
FY25 के लिए RBI ने रिटेल महंगाई का अनुमान 4.50% दिया था।
GDP क्या है?
GDP इकोनॉमी की हेल्थ को ट्रैक करने के लिए उपयोग किए जाने वाले सबसे कॉमन इंडिकेटर्स में से एक है। GDP देश के भीतर एक स्पेसिफिक टाइम पीरियड में प्रोड्यूस सभी गुड्स और सर्विस की वैल्यू को रिप्रजेंट करती है। इसमें देश की सीमा के अंदर रहकर जो विदेशी कंपनियां प्रोडक्शन करती हैं उन्हें भी शामिल किया जाता है।
दो तरह की होती है GDP
GDP दो तरह की होती है। रियल GDP और नॉमिनल GDP। रियल GDP में गुड्स और सर्विस की वैल्यू का कैलकुलेशन बेस ईयर की वैल्यू या स्टेबल प्राइस पर किया जाता है। फिलहाल GDP को कैलकुलेट करने के लिए बेस ईयर 2011-12 है। वहीं नॉमिनल GDP का कैलकुलेशन करंट प्राइस पर किया जाता है।
कैसे कैलकुलेट की जाती है GDP?
GDP को कैलकुलेट करने के लिए एक फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जाता है। GDP=C+G+I+NX, यहां C का मतलब है प्राइवेट कंजम्प्शन, G का मतलब गवर्नमेंट स्पेंडिंग, I का मतलब इन्वेस्टमेंट और NX का मतलब नेट एक्सपोर्ट है।