आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : फेडरल रिजर्व ने अपने पॉलिसी डिसीजन में लगातार तीसरी बार ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखा है। बुधवार को फेड ने बाजार की उम्मीदों के मुताबिक पॉलिसी रेट को 5.25%-5.5% की रेंज में जस का तस रखा। फेड ने ये भी संकेत दिया कि 2024 में दरों में तीन कटौतियां देखने को मिलेंगी और ये कम होकर 4.6% तक आ जाएंगी।

फेड ने महंगाई से निपटने के लिए मार्च 2022 से दरों को बढ़ाना शुरू किया था। इस साल जुलाई तक बढ़कर ये दरें 22 वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। बीते कुछ महीनों से कीमतों में बढ़ोतरी रुकी हुई है, जिससे अधिकारियों को लग रहा है कि अब ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जरूरत नहीं है। उनकी ब्याज दरों की वर्तमान सेटिंग पर्याप्त है।

आगे का रास्ता अभी भी अनिश्चित

फेड चेयरमैन जेरोम एच. पॉवेल ने कहा, ‘महंगाई अपने उच्चतम स्तर से कम हो गई है, और यह बेरोजगारी में कोई बड़ी बढ़ोतरी के बिना आई है – यह बहुत अच्छी खबर है।’ फिर भी, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आगे का रास्ता अभी भी अनिश्चित है।

इस हफ्ते के आंकड़ों से पता चलता है कि नवंबर में ओवरऑल कंज्यूमर प्राइस धीमा होकर 3.1% हो गया। ये 2022 की गर्मियों में 9.1% के पीक पर पहुंच गया था। फेड के पॉलिसीमेकर्स को 2026 तक महंगाई के 2% पर लौटने की उम्मीद है।

अमेरिकी बाजारों में तेजी

बुधवार को डाओ जोंस में 1.4% का उछाल रहा और ये 512 अंक चढ़कर 37,090 के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया। वहीं S&P 500 भी 1.37% (63 अंक) चढ़ गया। नैस्डेक में भी 201 अंकों (1.38%) की तेजी रही।

महंगाई से लड़ने का शक्तिशाली टूल है पॉलिसी रेट

किसी भी सेंट्रल बैंक के पास पॉलिसी रेट के रूप में महंगाई से लड़ने का एक शक्तिशाली टूल है। जब महंगाई बहुत ज्यादा होती है तो, सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट बढ़ाकर इकोनॉमी में मनी फ्लो को कम करने की कोशिश करता है।

पॉलिसी रेट ज्यादा होगा तो बैंकों को सेंट्रल से मिलने वाला कर्ज महंगा होगा। बदले में बैंक अपने ग्राहकों के लिए लोन महंगा कर देते हैं। इससे इकोनॉमी में मनी फ्लो कम होता है। मनी फ्लो कम होता है तो डिमांड में कमी आती है और महंगाई घट जाती है।

इसी तरह जब इकोनॉमी बुरे दौर से गुजरती है तो रिकवरी के लिए मनी फ्लो बढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट कम कर देता है। इससे बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज सस्ता हो जाता है और ग्राहकों को भी सस्ती दर पर लोन मिलता है।