
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रांतीय पदाधिकारी प्रमोद भदौरिया, कमल किशोर रावत, सूर्यकांत सिन्हा जिला अध्यक्ष उदयप्रकाश शुक्ला ने बताया कि 16 सितम्बर 2021 को सहायक शिक्षको के वेतन विसंगति के लिए प्रमुख सचिव शिक्षा की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन कर 03 माह में रिपोर्ट देने किया गया था। कमेटी की बैठक भी हुई पर शासन ने सहायक शिक्षकों के वेतन विसंगति को दरकिनार कर दिया है। यही कारण है कि लगभग 01 साल में भी अब तक रिपोर्ट को ही सार्वजनिक नहीं किया गया है, और वेतन विसंगति की मांग भी नही माना गया है। शासन ने सहायक शिक्षको के वेतन विसंगति का क्या हश्र किया हुआ है, समिति के कार्यप्रणाली व शासन के रवैये से स्पष्ट है।
पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्व सेवा अवधि की गणना कर प्रथम नियुक्ति तिथि से 20 वर्ष की सेवा को पूर्ण पेंशन हेतु मान्य कर पुरानी पेंशन लागू करने, सहायक शिक्षको के वेतन विसंगति को दूर करने हेतु प्राथमिक शिक्षा को विशेष शिक्षा का दर्जा देकर व्याख्याता-शिक्षक के समानुपातिक सहायक शिक्षक का वेतनमान सुधार करने, 2013 में लागू शिक्षक समतुल्य वेतनमान को 1.86 गुणांक के आधार पर वेतनमान निर्धारण कर संशोधित एलपीसी जारी करने, पूर्व सेवा अवधि को जोड़ते हुए सहायक शिक्षकों को प्रचलित नियम अनुसार सीधे उच्च वर्ग शिक्षक का 4200 ग्रेड पे का उच्चतर वेतनमान देते हुए क्रमोन्नति का आदेश करने तथा शिक्षक व व्याख्याता के लिए समयमान वेतनमान का आदेश जारी करने व न्यायालय में अवरुद्ध पदोन्नति पर शासन द्वारा ठोस पहल हो, इस हेतु प्रयास किया जाएगा।