सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : UN में विकासशील देशों ने AI के भविष्य में अधिक भूमिका मांगी

न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान विकासशील देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के भविष्य और इसके नियमन में अपनी अधिक प्रभावी भूमिका की मांग की है। अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के देशों ने चिंता जताई कि यदि एआई का विकास और उसके नियम कुछ अमीर देशों और कंपनियों तक सीमित रहे, तो इससे वैश्विक असमानता और बढ़ सकती है।

कांगो की विदेश मंत्री थेरेस कायिकवाम्बा वैगनर ने कहा कि विकासशील देशों को केवल दूसरे देशों द्वारा बनाई गई तकनीकों के उपयोगकर्ता या उनके बनाए मानकों के पालनकर्ता तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने एआई के विकास में सभी देशों की भागीदारी और समान अवसर पर जोर दिया। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने बताया कि चार साल पहले संयुक्त राष्ट्र में केवल पांच प्रतिनिधिमंडलों ने एआई का मुद्दा उठाया था, जबकि इस वर्ष 128 प्रतिनिधिमंडलों ने इस पर चर्चा की। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने भी कहा कि एआई का शासन मानव-केंद्रित और समावेशी होना चाहिए तथा विकासशील देशों की जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है।

संयुक्त राष्ट्र ने विकासशील देशों में एआई से जुड़ी क्षमता निर्माण के लिए वैश्विक कोष की जरूरत पर भी जोर दिया है। विश्व बैंक के अनुसार, एआई विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए बड़े अवसर पैदा कर सकता है, लेकिन इसके लिए कौशल, बुनियादी ढांचे और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप तकनीक विकसित करना जरूरी होगा।


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