सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ भोपाल: बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में ससुर की करंट लगाकर हत्या करने के मामले में अदालत ने बहू और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों ने हत्या को हादसा बताकर छिपाने की कोशिश की थी, लेकिन अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान ग्रामीणों को शव पर चोट और जलने के निशान दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस जांच में पूरे मामले का खुलासा हुआ। हारमोनियम सिखाने घर आता था प्रेमी मामला डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के खड़ेनाडीह गांव का है। मृतक मनोहर निर्मलकर की बहू गीताबाई निर्मलकर की मुलाकात गांव में भजन-कीर्तन के दौरान संगीत शिक्षक लेखराम निषाद से हुई थी। लेखराम उसे हारमोनियम सिखाने घर आता था। पुलिस जांच के अनुसार, दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं, जिसका मनोहर विरोध करते थे। इसी विवाद के चलते दोनों ने उनकी हत्या की साजिश रची।

हादसा बताकर छिपाने की कोशिश अभियोजन के अनुसार, 16 जुलाई 2025 की रात मनोहर के सोते समय उन्हें बिजली का करंट लगाया गया। अगले दिन उनकी मौत को साइकिल से गिरने के कारण हुई दुर्घटना बताने की कोशिश की गई। चोटों के निशान छिपाने के लिए शरीर पर हल्दी और अन्य सामग्री लगाए जाने की बात भी जांच में सामने आई। अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान ग्रामीणों ने चेहरे, माथे और गले पर चोट व जलने के निशान देखे और पुलिस को सूचना दी। पोस्टमॉर्टम में करंट लगने से मौत की पुष्टि हुई। पुलिस ने कॉल डिटेल, फॉरेंसिक साक्ष्यों और बरामद सामान के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। मामले की सुनवाई के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने गीताबाई निर्मलकर और लेखराम निषाद को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। करीब 15 महीने बाद आए इस फैसले में तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्य अहम रहे।


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