सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : संत हिरदाराम गर्ल्स कॉलेज प्रबंधन की पहल पर छात्राओं के सुगम आवागमन, स्वास्थ्य एवं फिटनेस को बढ़ावा देने तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से 25 साइकिलें वितरित की गईं। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को पर्यावरण-अनुकूल परिवहन अपनाने के साथ-साथ नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रोत्साहित करना है।यह कार्यक्रम श्रद्धेय सिद्ध भाऊ जी की गरिमामयी उपस्थिति एवं आशीर्वाद में संपन्न हुआ। इस अवसर पर महेश दयारामानी सहित घनश्याम बूलचंदानी हीरो ज्ञानचंदानी एवं ए.सी. साधवानी की उपस्थिति एवं आशीर्वाद भी छात्राओं को प्राप्त हुआ। अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमामय बनाया तथा छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर कॉलेज की प्राचार्या डॉ. डालिमा पारवानी ने कहा कि छात्राओं का समग्र विकास केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके शारीरिक स्वास्थ्य, फिटनेस, मानसिक सुदृढ़ता और आत्मनिर्भरता को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि की बालिकाओं के लिए स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली अपनाना आवश्यक है तथा साइकिलिंग इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का एक सरल और प्रभावी माध्यम है। डॉ. पारवानी ने इस पहल के लिए माया केसवानी एवं गुलाब केसवानी के प्रति भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार का सहयोग छात्राओं के स्वस्थ, सुरक्षित पर्यावरण-अनुकूल और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान है। महेश दयारामानी ने कहा साइकिल केवल आवागमन का साधन नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में एक कदम है।छात्राओं को सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन के विकल्प उपलब्ध कराने से उनमें अपने दैनिक जीवन में अधिक आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है।

डॉ. पारवानी ने इस आयोजन को सफल बनाने में जीव सेवा संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका के लिए विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जीव सेवा संस्थान के सहयोग एवं माध्यम से छात्राओं को साइकिल वितरण का यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो पाया। उन्होंने संस्थान के इस सहयोग को छात्राओं के हित में एक सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास शिक्षा संस्थानों और सामाजिक संगठनों के सहयोग की सकारात्मक मिसाल प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज का प्रयास है कि छात्राओं को शिक्षा के साथ ऐसी जीवनशैली के लिए भी प्रेरित किया जाए, जिसमें स्वास्थ्य, फिटनेस, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता एक-दूसरे से जुड़े हों। साइकिलिंग इन सभी पहलुओं को एक साथ जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, साइकिलों के उपयोग से छात्राओं का दैनिक आवागमन अधिक सुगम होने के साथ उनमें शारीरिक सक्रियता, स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। साथ ही, साइकिलिंग को बढ़ावा देकर छात्राओं को अपने स्वास्थ्य और दैनिक जीवन में स्वतंत्रता के प्रति अधिक सजग बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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