सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्कआईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : टेस्ला के CEO एलन मस्क का ₹465 करोड़ का पैकेज कोर्ट ने रद्द कर दिया है। चांसरी के डेलावेयर कोर्ट की जज ने मस्क के पैकेज कॉन्ट्रैक्ट को रद्द करते हुए कहा कि कंपनी इस बात पर काम करे कि मस्क अभी तक मिले अतिरिक्त वेतन को कैसे लौटाएंगे।

जज ने कहा कि मस्क को पब्लिक मार्केट के इतिहास में सबसे बड़ा पैकेज मिल रहा है। यह एक ‘अथाह राशि’ है और इसे देने से पहले कंपनी के बोर्ड ने विचार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि मस्क के पैकेज प्लान को मंजूरी देने की प्रक्रिया में बड़ी खामियां थीं।

2018 में शेयरहोल्डर ने की थी शिकायत

दरअसल 5 साल पहले कुछ शेयर होल्डर्स ने मस्क और टेस्ला के बोर्ड पर कॉर्पोरेट संपत्तियों को बर्बाद करने और एलन मस्क को गैरकानूनी रूप से अमीर बनाने का आरोप लगाया था। मस्क के पास टेस्ला की लगभग 13% हिस्सेदारी है।

पैकेज डिसाइड में दिखावटी नेगोशिएशन का आरोप

कोर्ट में शेयरहोल्डर के वकील ने कहा कि कंपनी ने एलन का पैकेज डिसाइड करने से पहले एक दिखावटी नेगोशिएशन किया। इसके लिए किसी भी शेयर होल्डर से कंपनी बोर्ड ने सलाह नहीं ली। वकील ने कहा कि टेस्ला ने शेयर होल्डर्स को गुमराह किया है।

मस्क ने हेडक्वार्टर बदलने के लिए लोगों से राय मांगी

कोर्ट के फैसले के बाद एलन मस्क ने एक के बाद एक कई पोस्ट अपने X हैंडल पर किए। एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘डेलावेयर राज्य में कभी भी अपनी कंपनी नहीं बनाएं।’ एक अन्य पोस्ट में मस्क ने पोल से जरिए लोगों के सवाल किया कि ‘क्या टेस्ला को अपना हेडक्वार्टर बदलकर टेक्सास में कर लेना चाहिए, जहां उसका फिजिकल हेडक्वार्टर है।’

न्यूरालिंक ने इंसानी दिमाग में चिप लगाई: मस्क बोले- पेशेंट की रिकवरी बेहतर; पैरालिसिस का मरीज चल-फिर सकेगा, दृष्टिहीन देख पाएंगे

टेस्ला के मालिक एलन मस्‍क के स्टार्टअप न्यूरालिंक ने इंसान के दिमाग में सर्जरी के जरिए चिप इम्प्लांट की है। यह डिवाइस एक छोटे सिक्के के आकार की है, जो ह्यूमन ब्रेन और कंप्यूटर के बीच सीधे कम्युनिकेशन चैनल बनाएगी। अगर ह्यूमन ट्रायल कामयाब रहा तो चिप के जरिए दृष्टिहीन लोग देख पाएंगे। पैरालिसिस के मरीज चल-फिर सकेंगे और कंप्यूटर भी चला सकेंगे। कंपनी ने इस चिप का नाम ‘लिंक’ रखा है।