आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : यदि आपने अब तक टैक्स प्लानिंग शुरू नहीं की है तो अभी इसकी शुरुआत कर दीजिए। वजह साफ है, वित्त वर्ष 2023-24 के लिए टैक्स बचाने वाले निवेश की आखिरी तारीख 31 मार्च अब 6 महीने से भी कम दूर है। ऐसे करदाता जो निवेश में रिस्क नहीं लेना चाहते और कम टैक्स ब्रैकेट में आते हैं, वे टैक्स-सेविंग FD पर विचार कर सकते हैं।
असल में पिछले वित्त वर्ष से अब तक रिजर्व बैंक ने रेपो रेट 6 बार बढ़ाकर 6.50% कर दी है। इससे लोन लेना तो महंगा हो गया है, लेकिन साथ ही FD पर ब्याज दरें भी बढ़ गई हैं। टैक्स-सेविंग FD पर ब्याज दरें 7% से ऊपर निकल गई हैं। पहले ये 5% के करीब थीं। ऐसे में यहां हम आपको टैक्स-सेविंग FD के बारे में बता रहे हैं।
सबसे पहले समझें टैक्स सेविंग FD क्या है?
5 साल वाली FD को टैक्स सेविंग FD कहा जाता है। इसमें निवेश पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक के निवेश पर टैक्स की छूट ली जा सकती है।
आसान भाषा में इसे ऐसे समझें, आप सेक्शन 80C के माध्यम से अपनी कुल टैक्सेबल इनकम में से 1.5 लाख रुपए पर टैक्स बचा सकते हैं। हालांकि, इससे मिलने वाले ब्याज यानी रिटर्न पर आपको अपने टैक्स ब्रैकेट के हिसाब से टैक्स चुकाना होता है। सभी बैंक टैक्स सेविंग FD ऑफर करते हैं।
सीनियर सिटीजन को मिलता है ज्यादा ब्याज
बैंक सीनियर सिटीजन को FD पर ज्यादा ब्याज देते हैं। ये आम FD से 0.50% ज्यादा होता है। इसलिए अगर आप या आपके परिवार में कोई सीनियर सिटीजन है, तो उसे FD में निवेश करने पर अतिरिक्त फायदा मिलेगा।
हाई टैक्स ब्रैकेट वालों को इसके ब्याज पर देना होगा ज्यादा टैक्स
टैक्स सेविंग FD से मिलने वाला ब्याज भी टैक्स फ्री नहीं होता है। ऐसे में अगर आप हाई टैक्स ब्रैकेट में आते हैं तो आपको FD से मिलने वाले रिटर्न पर 30% टैक्स चुकाना होगा। ऐसे में इससे मिलने वाला रिटर्न और कम हो जाता है। ऐसे में हाई टैक्स ब्रैकेट वालों के लिए इससे बेहतर अन्य ऑप्शन हो सकते हैं।