सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक अजय सिंह के नेतृत्व में संस्थान जनस्वास्थ्य संबंधी खतरों को लेकर निरंतर जागरूकता फैला रहा है। इसी क्रम में एम्स के विशेषज्ञों ने भारत में कोलोरेक्टल कैंसर के बढ़ते मामलों, खासकर युवाओं में इसके बढ़ते प्रचलन को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है।
कोलोरेक्टल कैंसर बड़ी आंत को प्रभावित करता है और यह अब भारत में भी तेज़ी से फैल रहा है। पहले इसे केवल पश्चिमी देशों की बीमारी माना जाता था, पर अब अनुचित जीवनशैली, मोटापा, धूम्रपान, शराब सेवन और कम फाइबर युक्त आहार के कारण इसके मामले देश में बढ़ रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, 25% नए मरीज 40 वर्ष से कम आयु के हैं।
इस बीमारी के लक्षण शुरुआती चरणों में स्पष्ट नहीं होते और कई बार टीबी जैसी अन्य बीमारियों से भ्रमित हो जाते हैं। मल में खून आना, पेट दर्द, गैस बनना और वजन घटना इसके प्रमुख संकेत हैं।
एम्स भोपाल के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग में प्रत्येक सोमवार को जीआई ऑन्कोसर्जरी क्लिनिक संचालित किया जाता है, जहां पाचन तंत्र से जुड़ी विभिन्न प्रकार की सर्जरी संबंधी समस्याओं का इलाज किया जाता है।
प्रो. अजय सिंह ने कहा, “कोलोरेक्टल कैंसर अब सिर्फ वृद्धों तक सीमित नहीं है। युवाओं में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे निपटने के लिए जनजागरूकता, स्क्रीनिंग और समय पर इलाज ही सबसे प्रभावी उपाय हैं।”
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