सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मंत्रालय, बल्लभ भवन भोपाल में दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान भोपाल द्वारा आयोजित होने वाले ‘एनआरएम–2026’ (नेशनल रिसर्चर्स मीट–2026) दूसरे संस्करण के आधिकारिक ब्रोशर एवं पोस्टर का विधिवत विमोचन किया। राष्ट्रीय शोधार्थी समागम–2026 का भव्य आयोजन 12 से 14 फरवरी 2026 तक भोपाल में होने वाला है, जिसमें देशभर के शोधार्थी, शिक्षाविद्, विशेषज्ञ एवं नीति–निर्माता सहभागिता करेंगे। यह समागम अपने सफल प्रथम आयोजन के उपरांत अब द्वितीय वर्ष में प्रवेश करते हुए शोधार्थियों के लिए संवाद, विचार-विमर्श और नवाचारपूर्ण शोध दृष्टियों के आदान–प्रदान का एक महत्त्वपूर्ण मंच प्रस्तुत कर रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शोधार्थी समागम गुलामी की मानसिकता से मुक्ति का मार्ग खोलने, भारत केंद्रित शोध को बढ़ावा देने, विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों को पूरा करने तथा अभ्युदय मध्य प्रदेश के लिए एक सार्थक प्रयास है। यह भारत के पुनरुत्थान के लिए सहयोगात्मक अनुसंधान की अद्भुत पहल है।

पोस्टर विमोचन के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि शोध किसी भी राष्ट्र के बौद्धिक और सामाजिक विकास की आधारशिला होता है। ‘नेशनल रिसर्चर्स मीट–2026’ जैसे आयोजन भारत-केंद्रित अनुसंधान, नवाचार और भारतीय ज्ञान परंपरा के पुनर्जागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान द्वारा किए जा रहे शोध, वैचारिक एवं सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
ब्रोशर विमोचन के अवसर पर कार्यक्रम की संयोजक अल्पना त्रिवेदी ने बताया कि राष्ट्रीय शोधार्थी समागम 2026 का प्रमुख उद्देश्य देशभर के शोधार्थियों को एक साझा वैचारिक मंच प्रदान करना है, जहाँ वे अपने शोध-विचारों, अनुभवों और निष्कर्षों का आदान–प्रदान कर सकें। यह आयोजन बहुविषयी शोध-संवाद को प्रोत्साहित करते हुए विभिन्न विषयों के बीच बौद्धिक समन्वय स्थापित करेगा। इसके साथ ही यह भारत केंद्रित अनुसंधान को सशक्त करते हुए राष्ट्र की सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक आवश्यकताओं से जुड़े शोध को नई दिशा देगा। एनआरएम–2026 का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य युवा शोधकर्ताओं में राष्ट्रबोध, समाज-उत्तरदायित्व एवं समाजोपयोगी अनुसंधान-संस्कृति का विकास करना भी है, जिससे शोध केवल अकादमिक सीमाओं तक सीमित न रहकर राष्ट्र-निर्माण का सशक्त माध्यम बने।
इस अवसर पर दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के निदेशक मुकेश मिश्रा ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा ‘मुख्यमंत्री जी का मार्गदर्शन एवं समर्थन एनआरएम–2026 को एक राष्ट्रीय अकादमिक विमर्श के रूप में स्थापित करने में प्रेरक सिद्ध होगा। पिछले वर्ष यह सफलतापूर्वक आयोजित किया गया था। दूसरे साल में यह समागम देश की आगामी आवश्यकताओं को लक्ष्य करते हुए शोध कार्यों को गति देगा। यह समागम भारत के पुनरुत्थान के लिए सहयोगात्मक अनुसंधान की पहल है। इस कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग, एमपीसीएसटी, वीर भारत न्यास और एमसीयू सह आयोजक हैं।
ब्रोशर विमोचन के इस अवसर पर समागम की संयोजक अल्पना त्रिवेदी के साथ मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार एवं वीर भारत न्यास के सचिव राम तिवारी, एमपीसीएसटी के महानिदेशक अनिल कोठारी एवं माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति विजय मनोहर तिवारी, दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान के निदेशक मुकेश कुमार मिश्रा, प्रभाकर पांडेय, तरुण सेन एवं अमरजीत कुमार भी उपस्थित रहे ।
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