सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : चीन ने अंतरिक्ष में उपग्रह में भरा 142 किलो ईंधन, उम्र 8 साल बढ़ी
बीजिंग। चीन ने अंतरिक्ष में उपग्रहों की सेवा अवधि बढ़ाने की दिशा में बड़ी तकनीकी उपलब्धि का दावा किया है। चीनी शोधकर्ताओं के अनुसार, एक उच्च कक्षा में मौजूद बाइडू नौवहन उपग्रह में अंतरिक्ष में ही ईंधन भरने की प्रक्रिया पूरी की गई। यह तकनीक उपग्रह के ईंधन समाप्त होने के बाद भी उसकी उपयोगी अवधि बढ़ाने में मदद कर सकती है।
चीनी शोध से जुड़े विवरण के अनुसार, शिजियान-25 नामक सेवा उपग्रह ने फरवरी 2025 में बाइडू-2 जी7 उपग्रह में करीब 142 किलोग्राम ईंधन स्थानांतरित किया। एक शोध अध्ययन में दावा किया गया कि इस प्रक्रिया से बाइडू उपग्रह की सेवा अवधि करीब आठ वर्ष तक बढ़ सकती है। शिजियान-25 को उपग्रहों में ईंधन भरने, उनकी उम्र बढ़ाने और अंतरिक्ष में अन्य सेवा तकनीकों के परीक्षण के लिए भेजा गया था।
इस तकनीक का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि सामान्य तौर पर उपग्रह अपने साथ सीमित मात्रा में ईंधन लेकर अंतरिक्ष में जाते हैं। ईंधन खत्म होने पर उपग्रह की उपयोगिता प्रभावित हो सकती है। अंतरिक्ष में दोबारा ईंधन भरने की क्षमता से महंगे और तकनीकी रूप से सक्षम उपग्रहों को लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है। भविष्य में यही तकनीक उपग्रहों की मरम्मत, उनकी कक्षा बदलने और अंतरिक्ष मलबे को हटाने जैसे अभियानों में भी उपयोगी हो सकती है। हालांकि, इस उपलब्धि को लेकर सावधानी भी जरूरी है। जिस शोध में इस अभियान का विवरण सामने आया है, वह अभी समीक्षा प्रक्रिया में है और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध अंतरिक्ष निगरानी आंकड़ों से फरवरी 2025 में हुए ईंधन हस्तांतरण की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे चीनी शोधकर्ताओं द्वारा किया गया दावा माना जा रहा है।
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