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रेलवे की वेबसाइट में सेंधमारी; IRCTC ने रद्द किए 37 लाख आईडी

रेलवे की तमाम सतर्कता, निगरानी और कार्रवाई के बाद भी दलाल कन्फर्म ट्रेन टिकट झटक रहे हैं। रेलवे के आंकड़े

ट्रायल रन में वंदे भारत एक्सप्रेस ने तोड़े सारे रिकॉर्ड 180 किमी/घंटे की पकड़ी रफ्तार

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो शेयर किया है। इसमें वंदे भारत

पैगंबर पर टी राजा सिंह के बयान से भड़के हैं मुसलमान

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने लोगों से शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान शांति व्यवस्था कायम रखने की अपील की है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पैगंबर मोहम्मद को लेकर टिप्पणी पर भाजपा नेता टी राजा सिंह को हिरासत में लेने और निलंबित करने की उनकी सबसे बड़ी मांग पूरी हो गई है। आपको बता दें कि गुरुवार को तेलंगाना में निलंबित भाजपा नेता द्वारा पैगंबर मोहम्मद पर कथित टिप्पणी को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था। हैदराबाद पुलिस ने गुरुवार को कहा कि बीजेपी विधायक को प्रिवेंटिव डिटेंशन एक्ट के तहत हिरासत में लिया गया है और उन्हें चेरियापल्ली स्थित सेंट्रल जेल में बंद कर दिया गया है। इस बीच ओवैसी ने हैदराबाद में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “मैं आप सभी से जुमे की नमाज के बाद ऐसा कोई नारा नहीं लगाने का भी आग्रह करता हूं, जिससे कि देश के सौहार्द में बाधा आए। शांति कायम रहे।” ओवैसी ने कहा कि बीजेपी नेता की गिरफ्तारी उनकी सबसे बड़ी मांग थी, जो कि पूरी हो गई है। ओवैसी ने शांतिपूर्ण जुमे की नमाज सुनिश्चित करने का आग्रह किया। वहीं, पुलिस के अनुसार निलंबित भाजपा नेता के खिलाफ 101 आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। पुलिस ने कहा, “टी. राजा सिंह को हैदराबाद शहर के पुलिस आयुक्त के आदेश के अनुसार 25 अगस्त को 1986 के अधिनियम संख्या 1 यानी पीडी अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया है।” पुलिस ने कहा कि टी राजा सिंह आदतन भड़काऊ भाषण दे रहे हैं। उनके बयानों से दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ता है। आपको बता दें कि टी राजा सिंह को इससे पहले मंगलवार को हिरासत में लिया गया था। हालांकि कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था। उनके खिलाफ दबीरपुरा पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 153 (ए), 295 और 505 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। भाजपा ने विधायक को निलंबित कर दिया और कहा कि उनकी टिप्पणी पार्टी की लाइन के खिलाफ है।

चीनी कंपनी का मुआवजे वाला दांव पड़ा उलटा

भारतीय रेलवे ने दो साल पहले चीनी रेलवे के सिग्नलिंग और टेलीकॉम आर्म से 471 करोड़ रुपये के करार को रद्द कर दिया था। चीनी फर्म ने अब इस मामले को अंतरराष्ट्रीय विवाद बना दिया है और 279 करोड़ रुपये मुआवजे का दावा किया है। चाइना रेलवे सिग्नलिंग एंड कम्युनिकेशन (CRSC) रिसर्च एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट नाम की यह कंपनी है, जिसने हाल ही में सिंगापुर में इंटरनेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स (ICC) नियमों के तहत इस मामले के उठाया है।  रेलवे के तहत आने वाले डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) ने इसे लेकर चीन कंपनी पर पलटवार किया है। DFCCIL ने चीनी फर्म पर 71 करोड़ रुपये का काउंटर-क्लेम कर दिया है। रेलवे के सूत्रों का कहना है कि अब इस मामले के अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल में जाने की संभावना है। लद्दाख झड़प के बाद रद्द हुआ था करार बता दें कि लद्दाख में भारतीय सैनिकों के साथ हिंसक झड़प के बाद भारतीय सरकारी कंपनी ने चीन को बड़ा झटका दिया था। DFCCIL ने चीन के साथ अपना कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया। सिग्नल लगाने का कॉन्ट्रैक्ट बीजिंग के नेशनल रेलवे रिसर्च एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट ऑफ सिग्नल एंड कॉम्युनिकेशन को 2016 में दिया गया था। ‘चार साल में महज 20% का काम हुआ पूरा‘ चाइनीज कंपनी को कानपुर-दीन दयाल उपाध्याय सेक्शन पर 417 किलोमीटर की दूरी में सिग्नल लगाने का काम दिया गया था। इस ठेके की कीमत 471 करोड़ रुपये थी। कॉन्ट्रैक्ट को खत्म करने की घोषणा करते हुए DFCCIL ने कहा कि कंपनी ने चार साल में महज 20 पर्सेंट का काम पूरा किया। कंपनी ने यह फैसला ऐसे समय में लिया जब पूर्वी लद्दाख में गलवानी घाटी में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए।

यौन उत्पीड़न, ब्लैकमेलिंग और मर्डर… सोनाली फोगाट की मौत में कई ऐंगल

भाजपा की नेता और टिकटॉक स्टार की मौत को लेकर लगातार सस्पेंस गहरा हो रहा है और परिवार ने मर्डर के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने भी इस मामले में मर्डर का केस दर्ज कर लिया है, लेकिन अब फैमिली का कहना है कि सोनाली फोगाट का मर्डर से पहले रेप होने का भी संदेह है। सोनाली फोगाट के परिजनों ने कहा कि उन्हें गोवा ले जाना भी एक साजिश का ही हिस्सा था। सोनाली के भाई रिंकू ने कहा कि गोवा में शूटिंग के लिए 24 अगस्त की तारीख तय थी, लेकिन होटल में कमरे 21 और 22 अगस्त के लिए बुक कराया गया था। 22 अगस्त को ही उत्तर गोवा के सेंट एंथनी अस्पताल में सोनाली फोगाट को ले जाया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। तब कहा गया था कि उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई है, लेकिन कुछ घंटों बाद ही परिजनों ने मौत की आशंका जताई। फिलहाल सोनाली फोगाट का शव दिल्ली पहुंच गया है और अब उनके हिसार स्थित घर ले जाया जा रहा है। सोनाली के भाई रिंकू ने कहा, ‘हम हमेशा मानते रहे कि इसमें कुछ गलत हुआ है और वही बात सामने आई है। अब तक हम इस मामले की जांच से संतुष्ट हैं। हम न्याय की मागं कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्य सोनाली के अंतिम संस्कार के बाद फैसला लेंगे कि इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की जाए या नहीं। सोनाली का हुआ था यौन उत्पीड़न, किया जा रहा था ब्लैकमेल? सोनाली फोगाट की मौत के मामले में उनके ही दो सहयोगियों को अहम संदिग्ध माना जा रहा है। दोनों को ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि सोनाली के भाई का कहना है कि उनकी बहन का 3 साल पहले यौन उत्पीड़न का किया गया था। किसी ने उनके खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया था और फिर बेहोश होने पर घटना को अंजाम दिया था। उसके बाद से ही सोनाली फोगाट को ब्लैकमेल किया जा रहा था। मौत से पहले किस रेस्तरां में डिनर के लिए गई थीं सोनाली टिकटॉक स्टार के परिजनों का कहना है कि सोनाली को कर्लीज होटल में डिनर के लिए उनके दो सहयोगी लेकर गए थे। उन्हें बताया गया था कि इस रेस्तरां में हरियाणा एक आदमी काम करता है, जिससे मिलना है। रेस्तरां के मालिक एडविन न्यून्स ने भी सोनाली फोगाट के डिनर के लिए आने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि सोनाली अपने दो सहयोगियों के साथ ही आई थीं, लेकिन उन्हें कोई स्टाफ नहीं जानता था। अन्य सभी कस्टमर्स की तरह ही उनसे भी बर्ताव किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सोनाली फोगाट के शव पर कई जख्मों के निशान मिले हैं। फिलहाल उनकी मौत की वजह साफ नहीं हो सकी है। हिस्टोपैथोलॉजी और सेरोलॉजिकल रिपोर्ट्स को रख लिया गया है। परिवार से सोनाली फोगाट ने की थी परेशानी की बात? शुरुआती रिपोर्ट्स में सोनाली फोगाट की मौत हार्ट अटैक से होने की बात कही गई थी, लेकिन परिवार के लोगों का कहना है कि वह हेल्दी और फिट थीं। ऐसे में उन्हें हार्ट अटैक नहीं हो सकता। फैमिली मेंबर्स का कहना है कि मौत से एक दिन पहले उन्होंने फोन पर कुछ परेशानी की बात की थी। यही नहीं परिवार का कहना है कि सोनाली की मौत के बाद हरियाणा स्थित उनके फार्म हाउस से कुछ चीजों को भी चुरा लिया गया।

कर्नाटक के मंत्री ने टीपू सुल्तान को कहा ‘मुस्लिम गुंडा

कर्नाटक के भाजपा विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री केएस ईश्वरप्पा ने टीपू सुल्तान को मुस्लिम गुंडा करार दिया था। उन्हें अब धमकी भरे पत्र मिले हैं। पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई गई है। पत्र में लिखा है कि अगर उन्होंने एक बार फिर टीपू सुल्तान को मुस्लिम गुंडा कहा तो उनकी जीभ काट दी जाएगी। कहा जा रहा है कि यह पत्र उनके आवास के पते पर भेजा गया है। आपको बता दें कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कर्नाटक में टीपू सुल्तान और सावरकर को लेकर लगाए गए बैनर ने विवाद खड़ा कर दिया है। वहीं, भाजपा विधायक ईश्वरप्पा का कहना है कि उन्होंने कभी भी सभी मुसलमानों को गुंडा नहीं कहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह इस तरह की धमकियों से नहीं डरते हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता केएस ईश्वरप्पा ने मंगलवार को अल्पसंख्यकों पर कर्नाटक के शिवमोग्गा में सांप्रदायिक तनाव फैलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा, “मैं मुस्लिम समुदाय के बुजुर्गों को बताना चाहता हूं कि मैं यह नहीं कह रहा हूं कि सभी मुसलमान गुंडा हैं। मुस्लिम समुदाय के बुजुर्गों ने अतीत में शांति के लिए प्रयास किए हैं। मैं उनसे वैसे युवाओं को सलाह देने की अपील करता हूं जो जो गुंडागर्दी में लिप्त हैं। अगर ऐसा नहीं होता है तो सरकार कार्रवाई करेगी। उन्हें इसका सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।” स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अमीर अहमद सर्कल में वीर सावरकर के पोस्टर लगाए गए थे। कहा जाता है कि टीपू सुल्तान के अनुयायियों के द्वारा इसे हटाने का प्रयास किया गया। इसके बाद सांप्रदायिक तनाव भड़क गया और शिवमोग्गा जिले के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया गया। आपको बताते चलें कि 16 अगस्त को बैंगलोर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के केम्पेगौड़ा मेट्रो स्टेशन पर वीडी सावरकर की एक पेंटिंग प्रदर्शित की गई। स्टेशन के पश्चिमी प्रवेश दरवाजे की सीढ़ियों के बगल में टंगी पेंटिंग में चंद्रशेखर आजाद और उधम सिंह दिख रहे हैं। और ऊपर बाएं कोने में सावरकर भी हैं। इस पेंटिंग ने भी विवाद खड़ा किया है।

जम्मू-कश्मीर में चुनाव की आहट से पहले ही बिखरा विपक्ष

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में अगले साल विधानसभा चुनाव होने की चर्चाएं हैं। इस बीच चुनाव की आहट से पहले ही नेशनल कॉन्फ्रेंस ने विपक्षी एकता को करारा झटका दिया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने ऐलान किया है कि वह चुनाव से पूर्व कोई गठबंधन नहीं करेगी और अकेले ही 90 सीटों पर चुनावी जंग में उतरेगी। नेशनल कॉन्फ्रेंस के इस फैसले से गुपकार गठबंधन पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। आर्टिकल 370 को हटाए जाने के बाद गुपकार अलायंस का ऐलान हुआ था और जम्मू-कश्मीर को स्वायत्ता वापस दिलाने के लिए संघर्ष का ऐलान किया गया था। बुधवार को उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुई मीटिंग के बाद पार्टी की ओर से इस बारे में बयान जारी किया गया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा, ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस की कमेटी के सदस्यों का कहना है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस को सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए।’ पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि मीटिंग में शामिल कई नेताओं ने गठबंधन के दलों की ओर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के खिलाफ जारी किए गए बयानों पर आपत्ति जताई। नेताओं का कहना था कि ऐसा कहना गलत है और गुपकार अलायंस समझौते का पालन करना चाहिए। पार्टी के उपाध्यक्ष ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ही जम्मू-कश्मीर के लोगों के हितों को पूरा कर सकती है। उमर अब्दुल्ला अब इस मामले पर डॉ. फारूक अब्दुल्ला से बात करेंगे और उसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा। नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कहा कि कुपवाड़ा और कई अन्य जिलों में पीडीपी के नेताओं ने हमारी पार्टी पर हमले किए हैं। यह गलत तरीका है। उन्होंने कहा कि मीटिंग के दौरान पार्टी उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला को इस मसले से अवगत कराया गया है। हालांकि नेशनल कॉन्फ्रेंस के फैसले को लेकर पीडीपी ने कहा कि अलग चुनाव लड़ने के फैसले से बड़ा लक्ष्य प्रभावित नहीं होगा। पीडीपी ने कहा कि गुपकार अलायंस का गठन बड़े मकसद के तहत किया गया था। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अकेले चुनाव लड़ने के फैसले से इस पर कोई असर नहीं होगा।

राजा सिंह के खिलाफ हैदराबाद में अब भी उबाल, आधी रात को मचा बवाल

पैगंबर मोहम्मद पर बयान देने वाले भाजपा के निलंबित विधायक टी. राजा सिंह के खिलाफ हैदाराबाद में अब भी उबाल देखने को मिल रहा है। हैदराबाद पुलिस ने उन्हें अरेस्ट कर लिया था, लेकिन अदालत से वह जमानत पर रिहा हो गए हैं। उसके बाद हैदराबाद में एक बार फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। बुधवार रात को कई स्थानों पर एक बार फिर से हजारों की भीड़ उमड़ी और टी. राजा सिंह के खिलाफ सिर तन से जुदा के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। बता दें कि विवाद बढ़ने के बाद भाजपा ने टी. राजा सिंह को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा हैदराबाद के कई थानों में राजा सिंह के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किए गए हैं। सिटी कॉलेज के पास बड़ी संख्या में लोग जुटे थे, जो सिर तन से जुदा के नारे लगा रहे थे। बड़ी मुश्किल से पुलिस ने इन लोगों को हटाया। इस बीच पुलिस ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के दो पार्षदों को एहतियातन हिरासत में ले लिया है। इसके अलावा शहर की जामा मस्जिद पर दोपहर की नमाज के वक्त भी भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही। इस मामले पर सरकार कितनी संवेदनशील है, इसका अंदाजा इस बात से ही लगा सकते हैं कि जामा मस्जिद के आसपास की व्यवस्था की निगरानी 5 आईपीएस कर रहे थे। शाह अली बंदा, दबीरपुरा, हुसैनीआलम इलाके में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे हैं। हालांकि पुलिस की ओर से राजा सिंह के खिलाफ सख्त ऐक्शन लेने की बात कही गई है, जिससे मुस्लिम समुदाय का रोष थोड़ा कम हुआ है। राजा सिंह को जमानत मिलने से गुस्सा भड़का हुआ है। हैदराबाद के कई इलाकों में तनाव है और इसके चलते कारोबारी दुकान तक खोलने से हिचक रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में अमन-चैन को खत्म करने की साजिश रची गई है। हैदराबाद के दक्षिण जोन के डीसीपी पी. साई चैतन्य ने कहा कि हैदराबाद के युवा शांति के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की साजिश में न फंसें।

मुसलमान को तलाक देने से नहीं रोक सकता कोर्ट

केरल हाईकोर्ट के अनुसार, एक मुस्लिम व्यक्ति को अपनी पत्नी को तलाक देने से कोर्ट नहीं रोक सकता। साथ ही यह भी कहा गया कि कोर्ट की तरफ से व्यक्ति को दोबारा शादी करने से भी नहीं रोका जा सकता। उच्च न्यायालय में दो याचिकाओं पर सुनवाई हो रही थी, जिसमें फैमिली कोर्ट की तरफ से लगाई गई रोक को चुनौती दी गई थी। कोल्लम के एक शख्स ने एड्वोकेट माजिदा एस के जरिए याचिका दाखिल की थी। इस याचिका में चावरा फैमिली कोर्ट की तरफ से जारी दो आदेशों को चुनौती दी गई थी। फैमिली कोर्ट ने मुस्लिम शख्स की पत्नी की याचिका पर पति के तलाक कहने पर रोक लगा दी थी। खास बात है कि हाईकोर्ट पहुंचे याचिकाकर्ता ने पहले ही पहला और दूसरा तलाक कह दिया था, लेकिन तीसरे तलाक से पहले ही फैमिली कोर्ट ने आदेश जारी कर दिया था। केरल हाईकोर्ट में जस्टिस ए मोहम्मद मुश्ताक और जस्टिस सोफी थॉमस सुनवाई कर रहे थे। उच्च न्यायालय ने फैमिली कोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया। आदेश में कहा गया कि पर्सनल लॉ का इस्तेमाल कर रही पार्टियों को रोकने में अदालत की कोई भूमिका नहीं है। कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 25 का हवाला दिया। कोर्ट का कहना है कि अगर रोकने के संबंध में आदेश जारी किया जाता है, तो यह व्यक्ति के संविधान में सुरक्षित अधिकारों का हनन होगा। उच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि फैमिली कोर्ट याचिकाकर्ता को दोबारा शादी करने से भी नहीं रोक सकता।

अरुणचल प्रदेश में JDU के इकलौते विधायक ने थामा भगवा झंडा

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पुराने सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (BJP) से नाता तोड़कर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस के साथ गठबंधन कर एक नई सरकार का गठन किया है। बीजेपी लगातार जेडीयू पर भरोसा तोड़ने का आरोप लगा रही है। इस बीच खबर आ रही है कि भगवा पार्टी ने नीतीश कुमार को अरुणाचल प्रदेश में झटका दिया है। उनकी पार्टी के इकलौते विधायक को अपने पाले में कर लिया है। आपको बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में जेडीयू के एकमात्र विधायक टेची कासो ने बुधवार को सत्तारूढ़ भाजपा का दामन थाम लिया है। विधानसभा के उपाध्यक्ष टेसम पोंगटे ने ईटानगर विधायक के बीजेपी में विलय के आवेदन को स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही 60 सदस्यों वाली विधानसभा में बीजेपी के 49 विधायक हो गए हैं। आपको यहा यह भी बता दें कि जेडीयू ने 2019 के विधानसभा चुनाव में अपने दम पर 15 सीटों पर कैंडिडेट उतारा था। उनमें से सात सीटों पर नीतीश कुमार की पार्टी को जीत मिली। अरुणाचल में जेडीयू भाजपा के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। हालांकि दिसंबर 2020 में नीतीश के छह विधायकों वे पाला बदलते हुए भाजपा का दामन थाम लिया था। अरुणचाल प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस और भाजपा की सहयोगी एनपीपी के पास चार-चार विधायक हैं। वहीं, तीन निर्दलीय विधायक भी हैं, जिन्होंने सरकार को अपना समर्थन दिया हुआ है।