देश

कर्नाटक के मंत्री ने टीपू सुल्तान को कहा ‘मुस्लिम गुंडा

कर्नाटक के भाजपा विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री केएस ईश्वरप्पा ने टीपू सुल्तान को मुस्लिम गुंडा करार दिया था। उन्हें अब धमकी भरे पत्र मिले हैं। पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई गई है। पत्र में लिखा है कि अगर उन्होंने एक बार फिर टीपू सुल्तान को मुस्लिम गुंडा कहा तो उनकी जीभ काट दी जाएगी। कहा जा रहा है कि यह पत्र उनके आवास के पते पर भेजा गया है। आपको बता दें कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कर्नाटक में टीपू सुल्तान और सावरकर को लेकर लगाए गए बैनर ने विवाद खड़ा कर दिया है। वहीं, भाजपा विधायक ईश्वरप्पा का कहना है कि उन्होंने कभी भी सभी मुसलमानों को गुंडा नहीं कहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह इस तरह की धमकियों से नहीं डरते हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता केएस ईश्वरप्पा ने मंगलवार को अल्पसंख्यकों पर कर्नाटक के शिवमोग्गा में सांप्रदायिक तनाव फैलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा, “मैं मुस्लिम समुदाय के बुजुर्गों को बताना चाहता हूं कि मैं यह नहीं कह रहा हूं कि सभी मुसलमान गुंडा हैं। मुस्लिम समुदाय के बुजुर्गों ने अतीत में शांति के लिए प्रयास किए हैं। मैं उनसे वैसे युवाओं को सलाह देने की अपील करता हूं जो जो गुंडागर्दी में लिप्त हैं। अगर ऐसा नहीं होता है तो सरकार कार्रवाई करेगी। उन्हें इसका सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।” स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अमीर अहमद सर्कल में वीर सावरकर के पोस्टर लगाए गए थे। कहा जाता है कि टीपू सुल्तान के अनुयायियों के द्वारा इसे हटाने का प्रयास किया गया। इसके बाद सांप्रदायिक तनाव भड़क गया और शिवमोग्गा जिले के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया गया। आपको बताते चलें कि 16 अगस्त को बैंगलोर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के केम्पेगौड़ा मेट्रो स्टेशन पर वीडी सावरकर की एक पेंटिंग प्रदर्शित की गई। स्टेशन के पश्चिमी प्रवेश दरवाजे की सीढ़ियों के बगल में टंगी पेंटिंग में चंद्रशेखर आजाद और उधम सिंह दिख रहे हैं। और ऊपर बाएं कोने में सावरकर भी हैं। इस पेंटिंग ने भी विवाद खड़ा किया है।

जम्मू-कश्मीर में चुनाव की आहट से पहले ही बिखरा विपक्ष

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में अगले साल विधानसभा चुनाव होने की चर्चाएं हैं। इस बीच चुनाव की आहट से पहले ही नेशनल कॉन्फ्रेंस ने विपक्षी एकता को करारा झटका दिया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने ऐलान किया है कि वह चुनाव से पूर्व कोई गठबंधन नहीं करेगी और अकेले ही 90 सीटों पर चुनावी जंग में उतरेगी। नेशनल कॉन्फ्रेंस के इस फैसले से गुपकार गठबंधन पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। आर्टिकल 370 को हटाए जाने के बाद गुपकार अलायंस का ऐलान हुआ था और जम्मू-कश्मीर को स्वायत्ता वापस दिलाने के लिए संघर्ष का ऐलान किया गया था। बुधवार को उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुई मीटिंग के बाद पार्टी की ओर से इस बारे में बयान जारी किया गया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा, ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस की कमेटी के सदस्यों का कहना है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस को सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए।’ पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि मीटिंग में शामिल कई नेताओं ने गठबंधन के दलों की ओर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के खिलाफ जारी किए गए बयानों पर आपत्ति जताई। नेताओं का कहना था कि ऐसा कहना गलत है और गुपकार अलायंस समझौते का पालन करना चाहिए। पार्टी के उपाध्यक्ष ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ही जम्मू-कश्मीर के लोगों के हितों को पूरा कर सकती है। उमर अब्दुल्ला अब इस मामले पर डॉ. फारूक अब्दुल्ला से बात करेंगे और उसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा। नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कहा कि कुपवाड़ा और कई अन्य जिलों में पीडीपी के नेताओं ने हमारी पार्टी पर हमले किए हैं। यह गलत तरीका है। उन्होंने कहा कि मीटिंग के दौरान पार्टी उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला को इस मसले से अवगत कराया गया है। हालांकि नेशनल कॉन्फ्रेंस के फैसले को लेकर पीडीपी ने कहा कि अलग चुनाव लड़ने के फैसले से बड़ा लक्ष्य प्रभावित नहीं होगा। पीडीपी ने कहा कि गुपकार अलायंस का गठन बड़े मकसद के तहत किया गया था। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अकेले चुनाव लड़ने के फैसले से इस पर कोई असर नहीं होगा।

राजा सिंह के खिलाफ हैदराबाद में अब भी उबाल, आधी रात को मचा बवाल

पैगंबर मोहम्मद पर बयान देने वाले भाजपा के निलंबित विधायक टी. राजा सिंह के खिलाफ हैदाराबाद में अब भी उबाल देखने को मिल रहा है। हैदराबाद पुलिस ने उन्हें अरेस्ट कर लिया था, लेकिन अदालत से वह जमानत पर रिहा हो गए हैं। उसके बाद हैदराबाद में एक बार फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। बुधवार रात को कई स्थानों पर एक बार फिर से हजारों की भीड़ उमड़ी और टी. राजा सिंह के खिलाफ सिर तन से जुदा के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। बता दें कि विवाद बढ़ने के बाद भाजपा ने टी. राजा सिंह को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा हैदराबाद के कई थानों में राजा सिंह के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किए गए हैं। सिटी कॉलेज के पास बड़ी संख्या में लोग जुटे थे, जो सिर तन से जुदा के नारे लगा रहे थे। बड़ी मुश्किल से पुलिस ने इन लोगों को हटाया। इस बीच पुलिस ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के दो पार्षदों को एहतियातन हिरासत में ले लिया है। इसके अलावा शहर की जामा मस्जिद पर दोपहर की नमाज के वक्त भी भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रही। इस मामले पर सरकार कितनी संवेदनशील है, इसका अंदाजा इस बात से ही लगा सकते हैं कि जामा मस्जिद के आसपास की व्यवस्था की निगरानी 5 आईपीएस कर रहे थे। शाह अली बंदा, दबीरपुरा, हुसैनीआलम इलाके में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे हैं। हालांकि पुलिस की ओर से राजा सिंह के खिलाफ सख्त ऐक्शन लेने की बात कही गई है, जिससे मुस्लिम समुदाय का रोष थोड़ा कम हुआ है। राजा सिंह को जमानत मिलने से गुस्सा भड़का हुआ है। हैदराबाद के कई इलाकों में तनाव है और इसके चलते कारोबारी दुकान तक खोलने से हिचक रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में अमन-चैन को खत्म करने की साजिश रची गई है। हैदराबाद के दक्षिण जोन के डीसीपी पी. साई चैतन्य ने कहा कि हैदराबाद के युवा शांति के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की साजिश में न फंसें।

मुसलमान को तलाक देने से नहीं रोक सकता कोर्ट

केरल हाईकोर्ट के अनुसार, एक मुस्लिम व्यक्ति को अपनी पत्नी को तलाक देने से कोर्ट नहीं रोक सकता। साथ ही यह भी कहा गया कि कोर्ट की तरफ से व्यक्ति को दोबारा शादी करने से भी नहीं रोका जा सकता। उच्च न्यायालय में दो याचिकाओं पर सुनवाई हो रही थी, जिसमें फैमिली कोर्ट की तरफ से लगाई गई रोक को चुनौती दी गई थी। कोल्लम के एक शख्स ने एड्वोकेट माजिदा एस के जरिए याचिका दाखिल की थी। इस याचिका में चावरा फैमिली कोर्ट की तरफ से जारी दो आदेशों को चुनौती दी गई थी। फैमिली कोर्ट ने मुस्लिम शख्स की पत्नी की याचिका पर पति के तलाक कहने पर रोक लगा दी थी। खास बात है कि हाईकोर्ट पहुंचे याचिकाकर्ता ने पहले ही पहला और दूसरा तलाक कह दिया था, लेकिन तीसरे तलाक से पहले ही फैमिली कोर्ट ने आदेश जारी कर दिया था। केरल हाईकोर्ट में जस्टिस ए मोहम्मद मुश्ताक और जस्टिस सोफी थॉमस सुनवाई कर रहे थे। उच्च न्यायालय ने फैमिली कोर्ट के आदेश को खारिज कर दिया। आदेश में कहा गया कि पर्सनल लॉ का इस्तेमाल कर रही पार्टियों को रोकने में अदालत की कोई भूमिका नहीं है। कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 25 का हवाला दिया। कोर्ट का कहना है कि अगर रोकने के संबंध में आदेश जारी किया जाता है, तो यह व्यक्ति के संविधान में सुरक्षित अधिकारों का हनन होगा। उच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि फैमिली कोर्ट याचिकाकर्ता को दोबारा शादी करने से भी नहीं रोक सकता।

अरुणचल प्रदेश में JDU के इकलौते विधायक ने थामा भगवा झंडा

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पुराने सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (BJP) से नाता तोड़कर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस के साथ गठबंधन कर एक नई सरकार का गठन किया है। बीजेपी लगातार जेडीयू पर भरोसा तोड़ने का आरोप लगा रही है। इस बीच खबर आ रही है कि भगवा पार्टी ने नीतीश कुमार को अरुणाचल प्रदेश में झटका दिया है। उनकी पार्टी के इकलौते विधायक को अपने पाले में कर लिया है। आपको बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में जेडीयू के एकमात्र विधायक टेची कासो ने बुधवार को सत्तारूढ़ भाजपा का दामन थाम लिया है। विधानसभा के उपाध्यक्ष टेसम पोंगटे ने ईटानगर विधायक के बीजेपी में विलय के आवेदन को स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही 60 सदस्यों वाली विधानसभा में बीजेपी के 49 विधायक हो गए हैं। आपको यहा यह भी बता दें कि जेडीयू ने 2019 के विधानसभा चुनाव में अपने दम पर 15 सीटों पर कैंडिडेट उतारा था। उनमें से सात सीटों पर नीतीश कुमार की पार्टी को जीत मिली। अरुणाचल में जेडीयू भाजपा के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। हालांकि दिसंबर 2020 में नीतीश के छह विधायकों वे पाला बदलते हुए भाजपा का दामन थाम लिया था। अरुणचाल प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस और भाजपा की सहयोगी एनपीपी के पास चार-चार विधायक हैं। वहीं, तीन निर्दलीय विधायक भी हैं, जिन्होंने सरकार को अपना समर्थन दिया हुआ है।

योगेंद्र यादव ने तोड़ी चुप्पी, कहा- केजरीवाल ने गडकरी के नाम पर अपने ही MLA को करवाए थे फोन

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया इन दिनों सीबीआई के रडार पर हैं। दिल्ली में शराब नीति को लेकर चल रहे विवाद पर आप के पूर्व नेता योगेंद्र यादव ने चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने परमजीत कात्याल  पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी थी। योगेंद्र यादव ने ट्वीट कर कहा, “परमजीत जी ने 7 साल पहले इस घटना के बारे में मुझे जानकारी दी थी। तब मैंने पूछताछ की और पाया कि उनकी बात पूरी तरह सच है। अरविंद केजरीवाल के आदेश पर दिसंबर 2013 में अपने ही MLA को बीजेपी के नाम पर फोन करवाए गए थे। ऐसी करतूतों के कारण हम लोगों का AAP नेतृत्व से मोहभंग हुआ था।” शराब नीति को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच चल रही तनातनी के बीच बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने मंगलवार की रात ट्विटर पर  उन्होंने दिल्ली की सत्ताधारी पार्टी पर तंज कसा है। अमित मालवीय ने अरविंद केजरीवाल से स्पष्टीकरण की भी मांग की कि जांच के आदेश के तुरंत बाद नई शराब आबकारी नीति को क्यों उलट दिया गया। अमित मालवीय ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा, “अगर अरविंद केजरीवाल सत्येंद्र जैन को पद्म विभूषण, सिसोदिया को भारत रत्न और खुद को ऑस्कर के लिए नामांकित करते हैं, तो उन्हें यह बताना चाहिए कि जांच के आदेश के तुरंत बाद नई शराब आबकारी नीति को क्यों उलट दिया गया। इसके लिए कितनी रिश्वत मिली। दिल्ली सरकार को कुल कितना नुकसान हुआ?” अमित मालवीय ने जो जाहिर तौर पर आप के पूर्व सचिव परमजीत सिंह कात्याल का है।  उन्हें अरविंद केजरीवाल का मज़ाक उड़ाते हुए देखा जा सकता है। इसमें उन्होंने भाजपा पर AAP के 35 विधायकों को खरीदने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। परमजीत कात्याल ने दावा किया कि उन्हें और अन्य को अरुण जेटली और नितिन गडकरी जैसे वरिष्ठ भाजपा नेताओं के नाम पर आप विधायकों को पैसे के बदले पार्टी से अलग होने का ऑफर देने के लिए कहा गया था। कात्याल ने कहा, “मजेदार बात यह है कि जब हमने टीवी पर अरविंद केजरीवाल को यह कहते हुए देखा कि भाजपा उनके विधायकों को बुला रही है और उन्हें खरीदने की कोशिश कर रही है और उन्हें 35 लाख की पेशकश कर रही है। मुझे पहली बार एहसास हुआ मैं कुछ गलत कर रहा था।” योगेंद्र यादव ने ट्वीट कर कहा, “परमजीत जी ने 7 साल पहले इस घटना के बारे में मुझे जानकारी दी थी। तब मैंने पूछताछ की और पाया कि उनकी बात पूरी तरह सच है।

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पैगम्बर मोहम्मद पर विवादित टिप्पणी करने वाले भाजपा विधायक टी राजा सिंह को मंगलवार सुबह गिरफ्तार किया गया था, लेकिन

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