सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस  /  आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल  : संत हिरदाराम गर्ल्स कॉलेज, भोपाल में विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर आहार एवं पोषण विभाग द्वारा दो  दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह आयोजन आईएपीईएन भोपाल चैप्टर, आईडीए भोपाल और आशा पारस फाउंडेशन फॉर पीस एंड हार्मनी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन दिवस पर प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ  रत्ना मूले मुख्य अतिथि के साथ आशा पारस फाउंडेशन के श्री लव चावडीकर, एग्जीक्यूटिव मैनेजर भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। डॉ. मूले ने इस वर्ष की थीम माताओं को सशक्त बनाना, स्तनपान को संभव बनाना विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्तनपान शिशु के समग्र विकास के साथ-साथ मातृ स्वास्थ्य को भी सुदृढ़ करता है।

उन्होंने एनीमिया विषय पर भी एक जानकारीपूर्ण सत्र लिया, जिसमें उन्होंने इसके व्यापक प्रभाव और उचित पोषण के माध्यम से समय रहते इसकी रोकथाम की आवश्यकता पर बल दिया। डॉ. मूले ने दैनिक पोषण संबंधी आदतों के महत्व को समझाया और बताया कि जीवन के विभिन्न चरणों में पोषण की समझ कैसे व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। उन्होंने अपने अनुभवों पर आधारित केस स्टडीज़ भी प्रस्तुत कीं, जिससे सत्र और अधिक व्यावहारिक बन गया। उन्होंने यह भी कहा कि माताओं को स्तनपान जैसी ज़िम्मेदारी निभाने के लिए समाज में सहयोगात्मक  वातावरण की आवश्यकता है, ताकि वे बिना किसी दबाव के इसे निभा सकें।

लव चावडीकर ने आशा पारस फाउंडेशन की ओर से लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण को लेकर अपने विचार साझा किए। समापन उद्बोधन में हर्षा भटनागर ने कहा कि मातृत्व का सम्मान करना और माताओं को सही जानकारी व सहयोग प्रदान करना समाज की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने स्तनपान से जुड़ी आवश्यक जानकारियाँ और त्वरित प्रतिक्रिया के उपाय भी साझा किए। सत्र का समापन प्रथम वर्ष की छात्रा हर्षिता सिंह द्वारा कविता पाठ और एक प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ।

#विश्व_स्तनपान_सप्ताह #स्वास्थ्य_जागरूकता #मातृत्व_सेवा #स्तनपान_प्रोत्साहन #स्वास्थ्य_कार्यक्रम