सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : आईसीएमआर–भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) में सोसायटी ऑफ़ रेडिएशन रिसर्च (एसआरआर) के तत्वाधान में चौथा इंटरनेशनल स्कूल ऑन रेडिएशन रिसर्च (ISRR-2025) आयोजित किया जा रहा है। यह दो-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन बायोडोसिमीट्री, रेडियोप्रोटेक्शन एवं रेडियोथेरेपी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित है। सम्मेलन का उद्घाटन मध्यप्रदेश के राज्यपाल महामहिम मंगुभाई पटेल द्वारा किया जाएगा।
बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक मनीषा श्रीवास्तव ने बताया कि रेडिएशन विज्ञान आज स्वास्थ्य सेवाओं, सार्वजनिक सुरक्षा, उद्योग, अंतरिक्ष अनुसंधान तथा आणविक जीव विज्ञान के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस सम्मेलन का उद्देश्य युवा शोधकर्ताओं को नवीनतम वैज्ञानिक प्रगति से अवगत कराना, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ ज्ञान-विनिमय को प्रोत्साहित करना तथा अनुसंधान आधारित सहयोग को सुदृढ़ करना है। इस दो-दिवसीय सम्मेलन में जर्मनी, जापान, स्वीडन, अमेरिका तथा भारत के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं। वे रेडिएशन के प्रभावों की पहचान, बायोमार्कर्स के उपयोग, रेडियोथेरेपी की उन्नत तकनीकों तथा उपचार को अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी बनाने के विभिन्न वैज्ञानिक आयामों पर चर्चा करेंगे। दूसरे दिन डीएनए रिपेयरिंग प्रक्रियाओं, आनुवंशिक परिवर्तनों, नए रेडिएशन-आधारित उपचारों तथा जैविक संकेतकों पर केंद्रित सत्र आयोजित किए जाएंगे। सम्मेलन के अंत में युवा शोधकर्ता अपने अनुसंधान प्रस्तुत करेंगे, जिससे नवाचार, वैज्ञानिक क्षमता-विकास और भविष्य के सहयोग को नई दिशा प्राप्त होगी।
इस सम्मेलन में जर्मनी, जापान, स्वीडन, अमेरिका और भारत के कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं। प्रमुख अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं में डॉ. निल्स कॉर्डेस (जर्मनी), डॉ. काजुयो इगावा (जापान), डॉ. सोफी डोबियाश (जर्मनी), डॉ. हिरोशी हरादा (जापान), डॉ. योशिहिसा मात्सुमोटो (जापान) तथा डॉ. प्रबोध मेहर (स्वीडन) शामिल हैं।
भारत से डॉ. वी. के. सिंह, डॉ. एन. के. चौधरी, डॉ. अमित कुमार, डॉ. चंदन कुमार, डॉ. तीर्थराज वर्मा और डॉ. संजय चटर्जी जैसे वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं चिकित्सक अपने व्याख्यान देंगे।
सम्मेलन के दौरान रेडिएशन के जैविक प्रभाव, रेडिएशन से सुरक्षा, कैंसर रेडियोथेरेपी, डीएनए रिपेयर, साइटोजेनेटिक एवं आणविक बायोमार्कर्स, रेडिएशन-आधारित नई उपचार तकनीकों पर वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। साथ ही पोस्टर प्रस्तुतियाँ और युवा शोधकर्ताओं के मौखिक शोध-प्रस्तुतिकरण भी होंगे।
यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन युवा शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और चिकित्सकों के लिए ज्ञान-विनिमय, क्षमता-विकास और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग का एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगा।

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