सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के उप—महानिदेशक (प्रशासन) जगदीश राजेश ने भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी) का दौरा किया। यहां उन्होंने सर्वप्रथम बीएमएचआरसी में शुरू हुए ई-संजीवनी परामर्श केंद्र का शुभारंभ किया गया। इसके बाद ऑडिटोरियम में आईसीएमआर में भर्ती हुए नवनियुक्त कर्मचारियों के लिए किए जा रहे ओरिएंटेशन प्रोग्राम का उद्घाटन किया। अंत में जगदीश राजेश ने बीएमएचआरसी के हिंदी कर्मचारियों के लिए राजभाषा विभाग के सहयोग से आयोजित हुई टायपिंग प्रशिक्षण की शुरूआत की।


बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ मनीषा श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से शुरू हुए इस परामर्श केंद्र के माध्यम से अब दमोह, सिंगरौली और मंडला जिलों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ डॉक्टर वहां आने वाले मरीजों के उपचार के संबंध में बीएमएचआरसी के विशेषज्ञों से सीधा टेलीपरामर्श प्राप्त कर सकेंगे। बीएमएचआरसी के ये विशेषज्ञ जनरल मेडिसिन, गायनोकोलॉजी, गैस्ट्रो मेडिसिन और क्रिटिकल केयर विभागों से जुड़े हुए हैं। गौरतलब है कि ई-संजीवनी भारत सरकार की एक प्रमुख टेलीमेडिसिन सेवा है, जिसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा विकसित किया गया है। बीएमएचआरसी में इस नई सेवा के शुरू होने से उक्त जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें हर बार जिला या राजधानी में आकर इलाज कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।


कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन : आईसीएमआर के नवनियुक्त तकनीकी कर्मचारियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम मार्गदर्शन का आयोजन भारतीय गुणवत्ता परिषद और मानव रचना यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली के सहयोग से बीएमएचआरसी में किया गया। आईसीएमआर के उपमहानिदेशक (प्रशासन) जगदीश राजेश ने इसका शुभारंभ किया। कार्यक्रम में बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक मनीषा श्रीवास्तव, मानव रचना विश्वविद्यालय, फरीदाबाद की डीन दीप्ति डबास हजारिका एवं भारतीय गुणवत्ता परिषद के प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण विभाग के संयुक्त निदेशक सी.एस. शर्मा मौजूद थे। आईसीएमआर के उप-महानिदेशक (प्रशासन) जगदीश राजेश ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य तकनीकी कर्मचारियों में प्रशासकीय कौशल, परियोजना प्रबंधन और वैज्ञानिक नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। इस अवसर पर बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि कर्मचारियों के सर्वांगीण विकास के लिए इस तरह के कार्यक्रम आयोजित होना आवश्यक है। हॉ दीप्ति डबास हजारिका, डीन, मानव रचना यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली ने अपने उद्‌बोधन में कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए कर्मचारियों में कम्युनिकेशन, लीडरशिप एवं सहभागिता बढ़ाने का कौशल विकसित होगा। भारतीय गुणवत्ता परिषद के संयुक्त निदेशक सी.एस.शर्मा ने कहा कि यह कार्यक्रम कर्मचारियों में तकनीकी और सॉफ्ट स्किल दोनों का विकास करेगा।
हिंदी टायपिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत : बीएमएचआरसी के कर्मचारियों को हिंदी में काम करने में आने वाली तकनीकी समस्याओं को दूर करने लिए गह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के सहयोग से टायपिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत हुई। केंद्रीय राजभाषा विभाग की हिंदी शिक्षण योजना में सहायक निदेशक घनश्याम नामदेव बीएमएचआरसी के प्रशासनिक कार्यों से संबंधित 15 कर्मचारियों को 8 अगस्त तक टायपिंग का प्रशिक्षण देंगे।

#ईसंजीवनी, #बीएमचआरसी, #डिजिटलहेल्थ, #आईसीएमआर, #भोपाल