सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल मेमोरियल अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) में 17 अगस्त तक एंटी रैगिंग वीक का आयोजन किया जा रहा है। एंटी रैगिंग डे के मौके पर बीएमएचआरसी के विद्यार्थियों के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक काकोली राय विशिष्ट अतिथि और बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक मनीषा श्रीवास्तव मुख्य अतिथि रहीं। एंटी रैगिंग वीक के दौरान विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न विभागों में विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

डॉ. काकोली राय ने कहा कि रैगिंग केवल शारीरिक या प्रत्यक्ष उत्पीड़न तक सीमित नहीं है, बल्कि मोबाइल मैसेज, व्हाट्सऐप, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपशब्द कहना या परेशान करना भी रैगिंग की श्रेणी में आता है। किसी भी रूप में रैगिंग पीड़ित छात्र की मानसिक स्थिति पर गहरा असर डालती है, जिससे अनिद्रा, व्यग्रता, डिप्रेशन और यहां तक कि आत्महत्या जैसी प्रवृत्तियां भी विकसित हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यार्थी के साथ रैगिंग हो रही है, तो उसे कभी भी चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि तुरंत अपने शिक्षकों, दोस्तों, शुभचिंतकों को बताना चाहिए या एंटी रैगिंग हेल्पलाइन व एंटी रैगिंग कमेटी से संपर्क करना चाहिए।

डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि बीएमएचआरसी में अब तक रैगिंग की कोई घटना सामने नहीं आई है और यहां सभी विद्यार्थियों के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अस्पताल में आने वाले मरीजों की मदद को प्राथमिकता दें और अपने सहपाठियों के साथ संवेदनशील व्यवहार रखें।
बीएमएचआरसी की डीन एकेडेमिक्स सुरभि सहाय ने बताया कि संस्थान में रैगिंग को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं और फैकल्टी सदस्य हमेशा छात्रों के लिए उपलब्ध रहते हैं।
बीएमएचआरसी: शिक्षा और प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र
बीएमएचआरसी न केवल एक अत्याधुनिक चिकित्सा संस्थान है, बल्कि यह कई उच्चस्तरीय शैक्षणिक कार्यक्रम भी संचालित करता है। संस्थान में एनेस्थीसिया, कार्डियोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, यूरोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, नेत्र विज्ञान। सहित विभिन्न विभागों में एमडी/एमएस या सुपरस्पेशियलिटी कोर्स संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा, बीएमएचआरसी में नर्सिंग कॉलेज और पैरामेडिकल कॉलेज भी हैं, जहां भावी नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाता है।

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