सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय में विशेष नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका नेतृत्व मध्य प्रदेश पुलिस विभाग ने किया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और समाज में नशा मुक्ति की अलख जगाना था।

इस अवसर पर थाना चूना भट्टी के उप निरीक्षक कमलेंद्र चौबे और उनकी टीम ने उपस्थितजनों को नशा विरोधी शपथ दिलाई और एक वीडियो फिल्म के माध्यम से विभिन्न प्रकार के नशों और उनके दुष्परिणामों को दर्शाया। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम राज्य सरकार की पहल पर 30 जुलाई 2025 तक चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा, “नशा केवल व्यक्ति की सेहत ही नहीं, उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा और आर्थिक स्थिति को भी नुकसान पहुंचाता है।”कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस बी.बी. शर्मा ने सिगरेट, तंबाकू, शराब, भांग, गांजा आदि के वैज्ञानिक और चिकित्सकीय दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि निकोटिन जैसे रसायन तंत्रिका तंत्र को बुरी तरह प्रभावित करते हैं।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुल सचिव सुशील मंडेरिया ने मोबाइल की लत को भी आधुनिक नशा करार देते हुए इससे बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि हमें परिवार से शुरुआत कर समाज को नशा मुक्त बनाना होगा।

कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन केंद्र की वरिष्ठ सलाहकार निधि रावल गौतम ने किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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