सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: वित्त वर्ष 2023-24 का आखिरी महीना शुरू हो चुका है और इसको खत्म होने में महज 24 दिन का समय बचा है। ऐसे में अगर आपने अभी तक टैक्स सेविंग्स प्लानिंग नहीं की है तो अभी भी इसके लिए निवेश कर सकते हैं। अगर आप टैक्स बचाने के साथ निवेश पर अच्छा रिटर्न चाहते हैं तो इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम यानी ELSS म्यूचुअल फंड में निवेश करने का ऑप्शन चूज कर सकते हैं।
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, ELSS कैटेगिरी के म्यूचुअल फंड ने एक साल में 58.98% तक का रिटर्न दिया है। आइए अब सबसे पहले ELSS फंड के बारे में जानते हैं और उसके बाद एक साल में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले टॉप-10 ELSS म्यूचुअल फंड के बारे में भी जानते हैं।
ELSS म्यूचुअल फंड क्या होता है?
ELSS यानी इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम ऐसे म्यूचुअल फंड होते हैं, जिनमें 3 साल के लिए इन्वेस्टर्स का पैसा ब्लॉक हो जाता है। म्यूचुअल फंड की इस कैटेगरी में IT एक्ट के सेक्शन 80C के तहत 1.50 लाख रुपए तक निवेश पर टैक्स छूट मिलती है। हालांकि, शेयर मार्केट लिंक्ड होने के चलते इसमें FD या NSC जैसी स्माल सेविंग्स की तुलना में इसमें ज्यादा जोखिम होता है।
अन्य टैक्स सेविंग स्कीम के मुकाबले इसमें कम लॉक-इन पीरियड
टैक्स सेविंग FD, पब्लिक प्रोविडेंट फंड सहित अन्य टैक्स सेविंग स्कीम के मुकाबले ELSS म्यूचुअल फंड में लॉक-इन पीरियड काफी कम होता है। जहां टैक्स सेविंग FD में इन्वेस्टर्स का पैसा 5 साल और पब्लिक प्रोविडेंट फंड में 15 साल तक लॉक रहता है। वहीं, ELSS म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टर्स का पैसा 3 साल तक ब्लॉक रहता है।
हालांकि, पैसा ब्लॉक रहने का एक बड़ा फायदा यह है कि लंबी अवधि तक अनुशासित रहकर निवेश को बढ़ावा मिलता है। यही आगे आपकी वेल्थ क्रिएशन में मदद कर सकता है। 3 साल का लॉक-इन खत्म होने का मतलब यह नहीं है कि आपको फंड से बाहर निकलना जरूरी होगा, आप इसे आगे तक एक्सटेंड कर सकते हैं।