आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : बैंक ऑफ बड़ौदा ने बॉब वर्ल्ड ऐप केस में 50 से ज्यादा एम्प्लॉइज को सस्पेंड कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें असिस्टेंट जनरल मैनेजर लेवल के अधिकारी भी शामिल हैं। संख्या के आधार पर इसे बैंक की सबसे बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई कहा जा रहा है।

बॉब वर्ल्ड पर ग्राहकों को ऑनबोर्ड करने की प्रोसेस में पाई गई अनियमितताओं के बाद ये कार्रवाई की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मंगलवार (10 अक्टूबर) को ऑनबोर्ड करने के तरीके में पाई गई कमियों के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा को उसके डिजिटल बैंकिंग एप्लिकेशन ‘BoB वर्ल्ड’ के माध्यम से नए ग्राहकों की ऑन-बोर्डिंग बंद करने का निर्देश दिया था।

ग्राहकों की ऑन-बोर्डिंग सुधार के बाद ही होगी

RBI ने यह भी कहा था कि एप्लिकेशन पर बैंक के ग्राहकों की ऑन-बोर्डिंग, कमियों के सुधार और प्रोसेस को मजबूत करने के बाद ही होगी। रिजर्व बैंक ने कहा कि जो ग्राहक पहले ही जुड़ चुके हैं, उन्हें किसी व्यवधान का सामना नहीं करना चाहिए। RBI ने बैंक ऑफ बड़ौदा के खिलाफ यह एक्शन बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट के सेक्शन 35A, 1949 के तहत लिया था।

बैंक ने स्वीकार की अनियमितताएं

एम्प्लॉई के सस्पेंशन लेटर में, बैंक ने स्वीकार किया कि कर्मचारी ने कस्टमर अकाउंट में नंबरों को फीड करने और उसके बाद ग्राहकों की सहमति के बिना बीओबी वर्ल्ड एप्लिकेशन के रजिस्ट्रेशन और डीरजिस्ट्रेशन के माध्यम से गंभीर अनियमितताएं कीं। मोबाइल एप्लिकेशन रजिस्ट्रेशन की संख्या बढ़ाने के लिए नॉन-कस्टमर्स की कॉन्टैक्ट डिटेल्स लिंक की थीं।

इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा मिलती है

बैंक के इस ऐप पर यूजर्स को इंटरनेट बैंकिंग के अलावा यूटिलिटी से जुड़े पेमेंट, टिकट, IPO सब्‍सक्रिप्‍शन आदि की सुविधा मिलती है। ऑन-बोर्डिंग बंद होने से बैंक ऑफ बड़ौदा के उन ग्राहकों पर असर पड़ा है जिनका बैंक में अकाउंट तो है, लेकिन ‘बॉब वर्ल्ड’ ऐप से नहीं जुड़े हैं।