सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ई प्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक अजय सिंह के मार्गदर्शन में, संस्थान ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इसमें ग्यारह नए शैक्षिक पाठ्यक्रमों की शुरुआत और एक नए विभाग की स्थापना शामिल है।
नए पाठ्यक्रमों में दो नए एमसीएच (मास्टर ऑफ चिरुर्जिया) कार्यक्रम हैं, जिनमें हाथ सर्जरी और स्पाइन सर्जरी शामिल हैं, जो इन क्षेत्रों में विशेषज्ञता की बढ़ती आवश्यकता को पूरा करेगा। इसके अतिरिक्त, सात नए डीएम (डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन) कार्यक्रम शुरू किए गए हैं, जिनमें वायरलॉजी, ट्रॉपिकल इन्फेक्शस डिजीज, न्यूरोपैथोलॉजी, हेमेटोपैथोलॉजी, कार्डियोलॉजी, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी, फोरेंसिक रेडियोलॉजी एवं वर्चुअल ऑटोप्सी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।
साथ ही, एम्स भोपाल ने जेरिएट्रिक मेडिसिन में एक एमडी कोर्स भी शुरू किया है, जो वृद्ध जनसंख्या के लिए स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं की बढ़ती आवश्यकता को पूरा करेगा। इसके अलावा, मेडिकल बायोकैमिस्ट्री में एक एमएससी कोर्स भी शुरू किया गया है, ताकि बायोकैमिस्ट्री के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में शोध और शिक्षा को बढ़ावा मिल सके।
इसके अतिरिक्त, एम्स भोपाल ने एक नया विभाग “ट्रांसप्लांट इम्यूनोलॉजी और इम्यूनोजेनेटिक्स” स्थापित किया है, जो ट्रांसप्लांट चिकित्सा और इम्यूनोलॉजिकल अध्ययन के बढ़ते महत्व पर ध्यान केंद्रित करेगा। एक ऐतिहासिक पहल के रूप में, एम्स भोपाल ने अपनी पीएचडी कार्यक्रमों को स्पॉन्सर्ड विदेशी उम्मीदवारों के लिए खोल दिया है, जो अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देगा और वैश्विक चिकित्सा निदेशक सिंह ने कहा, “इन नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत और एक विशेषज्ञ विभाग की स्थापना एम्स भोपाल के मिशन में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य विश्वस्तरीय चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करना है। हमारी पीएचडी कार्यक्रमों को विदेशी उम्मीदवारों के लिए खोलने से अंतर्राष्ट्रीय शोध सहयोग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे हम वैश्विक चिकित्सा समुदाय में योगदान कर सकेंगे और स्वास्थ्य देखभाल को बेहतर बना सकेंगे।”

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