सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ई प्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक अजय सिंह सदैव संकाय सदस्यों और छात्रों के बीच अकादमिक उत्कृष्टता और ज्ञान-साझाकरण की संस्कृति को बढ़ावा देते रहते हैं। प्रो. सिंह से प्रेरित होकर संकाय सदस्य विभन्न शोध कार्यों में असाधारण प्रदर्शन कर रहे हैं और उनकी इस लगन को देश-विदेश के विभन्न मंचों पर सम्मान भी मिल रहा है।
हाल ही में, एम्स भोपाल के फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग के प्रोफेसर राघवेंद्र कुमार विदुआ को यौन उत्पीड़न पीड़ितों की जांच में नैतिक और संवेदनशील प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ में आयोजित एक कार्यशाला में दिया गया। इस कार्यशाला में 200 से अधिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हुए, जिनमें फॉरेंसिक साइंस, स्त्री रोग, मनोरोग और अन्य विभागों के लोग थे।
निदेशक सिंह ने डॉ. विदुआ की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा, विदुआ का यह योगदान न केवल स्वास्थ्य पेशेवरों को नैतिकता और संवेदनशीलता के महत्व को समझाने में सहायक है, बल्कि यह सुनिश्चित करता है कि यौन उत्पीड़न पीड़ितों को सम्मानजनक और गरिमापूर्ण देखभाल मिले। यह पहल अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और हमारे देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को और मजबूत करेगी।”
निदेशक विदुआ ने कार्यशाला में यौन उत्पीड़न मामलों के प्रबंधन से जुड़े नैतिक और कानूनी पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने गोपनीयता, निजता, स्वायत्तता और पीड़ितों की गरिमा पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पीड़ितों की जानकारी को सुरक्षित रखना, जांच के दौरान उनका सम्मान करना और उनके निर्णय लेने के अधिकार का सम्मान करना कितना जरूरी है। उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देश, विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रोटोकॉल और सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों के बारे में भी जानकारी दी।
#एम्सभोपाल #डॉरघवेंद्रविदुआ #नैतिकदेखभाल #स्वास्थ्यसेवा