सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने चिकित्सा अनुसंधान और डायग्नोस्टिक सेवाओं में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कार्यपालक निदेशक अजय सिंह के नेतृत्व में, एम्स भोपाल की पैथोलॉजी एवं प्रयोगशाला चिकित्सा विभाग की प्रयोगशालाओं को 88 डायग्नोस्टिक मानकों के लिए आईएसओ 15189:2022 के अंतर्गत राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड से मान्यता प्राप्त हुई है।
प्रो. सिंह ने कहा, “यह मान्यता हर रोगी के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है कि उन्हें उच्च गुणवत्ता और सटीकता पर आधारित सेवाएं मिलें।” उन्होंने इसे एम्स भोपाल को चिकित्सा उत्कृष्टता का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
इस उपलब्धि का श्रेय विभाग की गुणवत्ता प्रबंधन टीम को जाता है, जिसका नेतृत्व ई. जयशंकर ने किया। उनके साथ तान्या, हेमलता, जयकुमार और शक्ति ने उप गुणवत्ता प्रबंधकों के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया। विभाग के संकाय सदस्य और तकनीकी स्टाफ जैसे श्री नीरज और शोभा ने इस प्रक्रिया को सफल बनाने में अथक परिश्रम किया।
यह मान्यता न केवल एम्स भोपाल की वैश्विक मानकों पर आधारित रोगी-केन्द्रित सेवाओं को सुदृढ़ करती है, बल्कि देश में गुणवत्ता आधारित डायग्नोस्टिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी एक उदाहरण स्थापित करती है।
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