सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक अजय सिंह के नेतृत्व में संस्थान लगातार शैक्षणिक नवाचारों को प्रोत्साहित कर रहा है। इसी क्रम में, मध्य प्रदेश मानवाधिकार आयोग के अधीन प्रशिक्षु 36 विधि छात्रों का दल फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग में शैक्षणिक भ्रमण पर आया। इस भ्रमण का उद्देश्य छात्रों को फॉरेंसिक चिकित्सा की प्रक्रिया, संरचना और न्याय प्रणाली में इसकी भूमिका से अवगत कराना था।

कार्यक्रम की शुरुआत विभागाध्यक्ष अरनीत अरोड़ा के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने पोस्टमॉर्टम, दस्तावेज़ीकरण और रिपोर्टिंग के महत्व पर प्रकाश डाला और बताया कि निदेशक अजय सिंह के मार्गदर्शन में विभाग में एनालिटिकल टॉक्सिकोलॉजी लैब और फॉरेंसिक हिस्टोपैथोलॉजी लैब की स्थापना हुई है।
निदेशक निरंजन साहू ने विभागीय कार्यप्रणाली व नैतिक पक्षों की जानकारी दी, जबकि इंटरैक्टिव सत्र का संचालन सुहैल अलिक्कल और दीक्षा छाबड़ा ने किया। भ्रमण के दौरान छात्रों ने फॉरेंसिक म्यूज़ियम, ऑटोप्सी रूम, कोल्ड स्टोरेज सहित विभिन्न प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया और ‘चेन ऑफ कस्टडी’, साक्ष्य संग्रहण व संक्रमण नियंत्रण की प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप में समझा।

निदेशक अजय सिंह ने कहा, “फॉरेंसिक मेडिसिन न्याय और मानवाधिकार संरक्षण के बीच एक सेतु है। इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण छात्रों को अधिक उत्तरदायी नागरिक बनाते हैं।” छात्रों ने इस अनुभव को अत्यंत ज्ञानवर्धक बताया।
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